सौरव गांगुली की याचिका खारिज, फिल्म ‘दूसरा’ की रिलीज पर रोक नहीं; 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में दस्तक

सौरव गांगुली की याचिका खारिज, फिल्म ‘दूसरा’ की रिलीज पर रोक नहीं; 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में दस्तक

प्रेषित समय :15:01:09 PM / Fri, Oct 23rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को फिल्म ‘दूसरा’ की रिलीज को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम राहत नहीं मिली है. अदालत ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. इसके साथ ही निर्माताओं के लिए 23 अक्टूबर को फिल्म रिलीज करने का रास्ता फिलहाल साफ हो गया है. हालांकि, गांगुली के व्यक्तित्व अधिकारों से जुड़े विवाद पर अंतिम फैसला होना अभी बाकी है.

इस मामले में सौरव गांगुली और प्रोडक्शन कंपनी लव फिल्म्स LLP ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था. याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि फिल्म में गांगुली की पहचान और उनके क्रिकेट करियर से जुड़े चर्चित प्रसंगों का इस्तेमाल बिना उचित अनुमति के किया गया है.

2002 के ऐतिहासिक जश्न को लेकर विवाद

फिल्म को लेकर विवाद का प्रमुख कारण साल 2002 में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल से जुड़ा एक यादगार दृश्य है. लॉर्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड को हराने के बाद सौरव गांगुली ने बालकनी में अपनी शर्ट उतारकर जीत का जश्न मनाया था. यह घटना भारतीय क्रिकेट के चर्चित पलों में गिनी जाती है.

गांगुली की ओर से दलील दी गई कि उनकी पहचान और इस ऐतिहासिक घटना का फिल्म में इस्तेमाल उनके व्यक्तित्व और व्यावसायिक अधिकारों को प्रभावित कर सकता है. वहीं, लव फिल्म्स ने भी अपने व्यावसायिक हितों पर असर पड़ने की आशंका जताई.

आधिकारिक बायोपिक के अधिकारों का भी मामला

याचिका में लव फिल्म्स की ओर से एक समझौते का हवाला दिया गया. इसके मुताबिक, 5 अगस्त 2021 को हुए करार के तहत प्रोडक्शन हाउस को सौरव गांगुली की जिंदगी और क्रिकेट करियर पर आधारित आधिकारिक बायोपिक बनाने के विशेष अधिकार मिले थे. इस प्रस्तावित फिल्म का नाम ‘दादा–द सौरव गांगुली स्टोरी’ बताया गया है.

याचिकाकर्ताओं की चिंता थी कि ‘दूसरा’ में गांगुली से जुड़े प्रसंगों के इस्तेमाल से प्रस्तावित बायोपिक के व्यावसायिक हित प्रभावित हो सकते हैं. हालांकि, ‘दूसरा’ के निर्माताओं ने इसे गांगुली की बायोपिक मानने से इनकार किया.

निर्माताओं ने बताया अलग कहानी वाली फिल्म

फिल्म निर्माताओं के अनुसार, ‘दूसरा’ की कहानी राजस्थान के एक मध्यमवर्गीय परिवार की लड़की तारा पर केंद्रित है. कहानी में तारा सामाजिक और पारिवारिक सीमाओं के बीच अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश करती है.

फिल्म में नेटवेस्ट फाइनल के बाद गांगुली के जश्न का दृश्य तारा के लिए प्रेरणा का माध्यम बनता है. निर्माताओं का कहना है कि फिल्म का उद्देश्य क्रिकेटर की जीवनी दिखाना नहीं, बल्कि उनके ऐतिहासिक जश्न से प्रेरित एक लड़की के संघर्ष और सपनों की कहानी पेश करना है.

निर्माताओं ने यह भी दावा किया कि संबंधित क्रिकेट फुटेज के इस्तेमाल के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से आवश्यक अनुमति ली गई थी. उनकी ओर से अदालत में यह दलील भी दी गई कि फिल्म की 100 से अधिक सिनेमाघरों में बुकिंग हो चुकी है और रिलीज रुकने पर आर्थिक नुकसान हो सकता है.

हाईकोर्ट ने क्यों नहीं लगाई रोक?

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दिनेश भट्ट की पीठ ने की. अंतरिम राहत पर विचार करते हुए अदालत ने सुविधा के संतुलन यानी ‘बैलेंस ऑफ कन्वीनियंस’ को फिल्म निर्माताओं के पक्ष में माना. इस स्तर पर रिलीज रोकने से निर्माताओं को अधिक आर्थिक नुकसान होने की आशंका को भी ध्यान में रखा गया.

अदालत के इस फैसले का अर्थ यह नहीं है कि सौरव गांगुली के व्यक्तित्व अधिकारों से जुड़े सभी दावे खारिज हो गए हैं. फिलहाल केवल फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की गई है. विवाद के अन्य पहलुओं पर अंतिम निर्णय आगे की न्यायिक प्रक्रिया में हो सकता है.

रिलीज का रास्ता खुला, विवाद पर फैसले का इंतजार

दिल्ली हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश से ‘दूसरा’ के निर्माताओं को राहत मिली है. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार फिल्म 23 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है. दूसरी ओर, गांगुली की पहचान और उनसे जुड़े प्रसंगों के इस्तेमाल को लेकर उठाए गए सवाल अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं.

अब मामले की आगे की सुनवाई पर नजर रहेगी, जिसमें व्यक्तित्व अधिकारों और फिल्म निर्माताओं के दावों से जुड़े पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-