ग्वालियर में तंजानिया की छात्रा से ₹50 हजार की साइबर ठगी, वर्क फ्रॉम होम जॉब का झांसा देकर 13 बार कराया भुगतान

ग्वालियर में तंजानिया की छात्रा से ₹50 हजार की साइबर ठगी, वर्क फ्रॉम होम जॉब का झांसा देकर 13 बार कराया भुगतान

प्रेषित समय :16:36:55 PM / Fri, Oct 23rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

ग्वालियर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में घर बैठे पार्ट-टाइम नौकरी दिलाने के नाम पर तंजानिया की 22 वर्षीय छात्रा से करीब 50 हजार रुपये की कथित साइबर ठगी का मामला सामने आया है. आरोपियों ने रजिस्ट्रेशन, फाइल चार्ज और वेरिफिकेशन फीस के नाम पर छात्रा से 13 बार ऑनलाइन भुगतान कराया. रकम देने के बावजूद जब न नौकरी मिली और न पैसे वापस आए, तो पीड़िता ने साइबर अपराध हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई. सिरोल थाना पुलिस ने ई-जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

इंटरनेट पर नौकरी तलाशते समय मिला ऑफर

जानकारी के मुताबिक, तंजानिया की रहने वाली हेरियथ जस्टीना ग्वालियर के एक विश्वविद्यालय में स्टूडेंट वीजा पर पढ़ाई कर रही हैं. वह अपने भाई के साथ सिरोल थाना क्षेत्र की एमके सिटी टाउनशिप में रहती हैं. पढ़ाई और अन्य खर्चों में मदद के लिए वह इंटरनेट पर पार्ट-टाइम काम तलाश रही थीं.

इसी दौरान 15 अक्टूबर को उन्हें घर बैठे काम करने और अच्छी कमाई का मौका देने वाला संदेश मिला. छात्रा ने इसे नौकरी का वास्तविक प्रस्ताव समझकर संबंधित लोगों से बातचीत शुरू कर दी. आरोप है कि इसके बाद नौकरी की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर उनसे अलग-अलग शुल्क मांगे जाने लगे.

रजिस्ट्रेशन से वेरिफिकेशन तक के नाम पर लिए पैसे

शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने कभी रजिस्ट्रेशन तो कभी फाइल चार्ज और वेरिफिकेशन फीस का हवाला देकर छात्रा से रकम जमा कराई. नौकरी मिलने की उम्मीद में वह उनकी बातों पर भरोसा करती रहीं और लगातार भुगतान करती गईं.

बताया गया है कि 15 और 16 अक्टूबर 2026 को छात्रा ने Paytm UPI के जरिए कुल 13 ट्रांजैक्शन किए. इन भुगतानों में उनके करीब 50 हजार रुपये चले गए. इसके बाद भी न तो उन्हें काम मिला और न ही भुगतान की गई रकम वापस की गई.

पैसे लौटाने की मांग की तो संपर्क तोड़ने का आरोप

जब छात्रा को ठगी का संदेह हुआ, तो उन्होंने संबंधित लोगों से अपने पैसे वापस मांगे. आरोप है कि इसके बाद उन्होंने संपर्क करना बंद कर दिया और छात्रा को ब्लॉक कर दिया. नौकरी का वादा पूरा नहीं हुआ और रकम भी वापस नहीं मिली.

इसके बाद पीड़िता ने साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर मामला सिरोल थाना पुलिस तक पहुंचा, जहां ई-जीरो एफआईआर दर्ज की गई.

UPI ट्रांजैक्शन और चैट की जांच कर रही पुलिस

पुलिस मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जुटा रही है. जांच में Paytm UPI से किए गए भुगतान, आरोपियों के साथ हुई बातचीत और जिन बैंक खातों में रकम भेजी गई, उनसे संबंधित जानकारियों की पड़ताल की जा रही है. पुलिस का प्रयास है कि भुगतान प्राप्त करने वाले खाताधारकों की पहचान कर कथित ठगी में शामिल लोगों तक पहुंचा जाए.

डीएसपी साइबर मनीष यादव के मुताबिक, पीड़िता ने हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की थी. इसके बाद सिरोल थाने में मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है.

ऑनलाइन नौकरी के नाम पर ठगी से रहें सावधान

यह घटना ऑनलाइन पार्ट-टाइम नौकरी तलाशने वालों के लिए सतर्क रहने की जरूरत बताती है. साइबर ठग अक्सर घर बैठे कमाई और आसान नौकरी का लालच देकर रजिस्ट्रेशन, दस्तावेज सत्यापन या अन्य शुल्कों के नाम पर पैसे मांगते हैं.

किसी भी नौकरी के लिए भुगतान करने से पहले कंपनी और उसके आधिकारिक संपर्क माध्यमों की जांच करें. अनजान लोगों के कहने पर बार-बार पैसे न भेजें. यदि ऑनलाइन ठगी हो जाए, तो तुरंत साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें और भुगतान की रसीदें, बैंक विवरण तथा चैट जैसे डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखें.

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. आरोपियों की पहचान और रकम के लेन-देन से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-