ल्हासा. चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में गुरुवार रात आए 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है. शुरुआती रिपोर्टों में 16 लोगों की मौत और 54 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी. शुक्रवार को जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, घायलों की संख्या बढ़कर 65 हो गई है, जबकि मृतकों का आंकड़ा 16 पर बना हुआ है. इस बीच शुक्रवार सुबह क्षेत्र में 4.4 तीव्रता के भूकंप के झटके भी दर्ज किए गए. राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में अभियान चला रहे हैं.
300 से अधिक मकान ढहे, कई इलाके प्रभावित
रिपोर्टों के मुताबिक, भूकंप का केंद्र तिब्बत के नागकू शहर के बाचेन काउंटी क्षेत्र में था. तेज झटकों के कारण 300 से अधिक मकान ढह गए या क्षतिग्रस्त हुए हैं. प्रभावित क्षेत्र दुर्गम और अधिक ऊंचाई पर स्थित होने के कारण राहत दलों को लोगों तक पहुंचने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. नुकसान का आकलन अभी जारी है.
सुबह फिर कांपी धरती
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, शुक्रवार सुबह तिब्बत में 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. क्षेत्र में लगातार आ रहे झटकों के बीच लोगों में दहशत का माहौल है. शक्तिशाली भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक भी दर्ज किए गए हैं.
राहत और बचाव कार्य तेज
भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं. मलबे में फंसे लोगों की तलाश, घायलों को अस्पताल पहुंचाने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है.
रिपोर्टों के अनुसार, 300 से अधिक पुलिसकर्मियों को राहत कार्यों में लगाया गया है. अधिकारियों ने प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने और क्षतिग्रस्त इमारतों के आसपास सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास भी तेज कर दिए हैं.
हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
भूकंप प्रभावित क्षेत्र में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कार्रवाई भी की गई है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 12 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. प्रशासन ने राहत सामग्री के साथ अस्थायी आवास, टेंट, बिस्तर और सर्दी से बचाव के सामान की व्यवस्था भी शुरू की है.
भूकंप के बाद सतर्कता जरूरी
तिब्बत और हिमालय के आसपास का क्षेत्र भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील है. शक्तिशाली भूकंप के बाद आने वाले झटकों से क्षतिग्रस्त इमारतों के गिरने का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में प्रभावित लोगों को कमजोर इमारतों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन के सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है.
फिलहाल राहत एजेंसियों की प्राथमिकता घायलों को उपचार उपलब्ध कराना, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखना और नुकसान का आकलन करना है. मृतकों और घायलों की संख्या में आगे बदलाव हो सकता है, क्योंकि बचाव अभियान और आधिकारिक आकलन अभी जारी हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

