जबलपुर. एमपी के जबलपुर में साइबर ठगी के दो सनसनीखेज मामले सामने आए हैं, जहां पलक झपकते ही शातिर ठगों ने बैंक खातों से मोटी रकम पार कर दी. एक तरफ जहां लार्डगंज थाना क्षेत्र में एक शिक्षक के खाते से 88 हजार रुपए साफ हो गए, वहीं रांझी इलाके में दूसरे शिक्षक का मोबाइल अचानक हैकर के नियंत्रण में आ गया और देखते ही देखते 1 लाख रुपए हवा हो गए. इन दोनों ही मामलों के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और लोग अपने मोबाइल्स को लेकर दहशत में हैं.
डेटा ऑन करते ही उड़ गए 88 हजार-
लार्डगंज थानान्तर्गत टेलीग्राफ गेट नंबर 1, यादव कॉलोनी निवासी 58 वर्षीय शिवराज सिंह उइके जो कि पेशे से एक शिक्षक हैं, साइबर ठगी का शिकार बन गए. 11 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 12.35 बजे उन्होंने अपने मोबाइल पर इंटरनेट का डेटा ऑन किया था. डेटा चालू होते ही उनके फोन पर गूगल पे के जरिए 88 हजार रुपए कटने का एक के बाद एक मैसेज आने लगा. मैसेज देखते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. उन्होंने तुरंत अपना बैंक अकाउंट चेक किया, तो उनके होश उड़ गए.
रिमोट एक्सेस ऐप से मोबाइल हुआ हैक,1 लाख रुपए गायब-
रांझी थानान्तर्गत आशीर्वाद बारात घर के पास रहने वाले 50 वर्षीय निशांत कुमार साहू भी साइबर अपराधियों के बड़े षड्यंत्र का शिकार हो गए. पीडि़त शिक्षक निशांत कुमार साहू ने पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि 18 अक्टूबर 2026 की शाम को उनका मोबाइल फोन अचानक हैक हो गया और किसी अज्ञात शख्स ने रिमोट एक्सेस ऐप के जरिए उनके पूरे फोन को अपने नियंत्रण में ले लिया. ठगों ने इतनी सफाई से इस वारदात को अंजाम दिया कि शाम 5.19 बजे से 5.24 बजे के महज 5 मिनट के अंतराल में उनके यूनियन बैंक और एक्सिस बैंक के खातों से कुल 1 लाख रुपए का अनधिकृत ट्रांजेक्शन हो गया. बैंक खातों से रुपए निकलने के धड़ाधड़ संदेश आते देख उनके होश उड़ गए.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

