अहमदाबाद. साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है, जहां घर पर मौजूद एक कारोबारी के बैंक खातों से कथित तौर पर 3.70 लाख रुपये निकाल लिए गए. मोबाइल पर रकम कटने के संदेश आने के बाद कारोबारी ने तुरंत बैंक से संपर्क किया और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करने के साथ ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कराई. इसके बावजूद ठगी की रकम रोके जाने की पुष्टि नहीं हुई. आखिरकार पीड़ित ने कृष्णनगर पुलिस थाने पहुंचकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
घर पर बैठे-बैठे खाते से निकल गई रकम
जानकारी के अनुसार, 39 वर्षीय धर्मेश कुमार मगनलाल गजेरा अहमदाबाद के नव नारोडा क्षेत्र में सोमेश्वर पार्क सोसायटी में रहते हैं. वह ओढव इलाके में आस्था एस्टेट के पास किराये पर चार पहिया वाहनों का गैराज चलाते हैं.
दो अक्टूबर की शाम वह अपने घर पर मौजूद थे. इसी दौरान उनके मोबाइल फोन पर बैंक खाते से रकम कटने के संदेश आने लगे. संदेशों में आईसीआईसीआई बैंक खाते से पहले 1.85 लाख रुपये और फिर 1.10 लाख रुपये निकाले जाने की जानकारी मिली. अचानक आए इन संदेशों से कारोबारी को संदेह हुआ और उन्होंने खाते की स्थिति जांची.
कुछ ही समय में चार लेनदेन से निकले 3.70 लाख रुपये
कारोबारी के मुताबिक, शुरुआती संदेशों के बाद मोबाइल पर दो और संदेश आए. इनमें 65 हजार रुपये और नौ हजार रुपये की निकासी की जानकारी थी. इस तरह चार लेनदेन में कुल 3.69 लाख रुपये निकलने का विवरण सामने आता है, जबकि शिकायत के शीर्षक और समाचार विवरण में ठगी की कुल राशि 3.70 लाख रुपये बताई गई है.
रकम निकाले जाने की जानकारी मिलने के बाद कारोबारी ने बैंक खाते की स्थिति जांची और बैंक प्रबंधन से संपर्क किया. उन्हें आशंका थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके मोबाइल या इंटरनेट बैंकिंग से संबंधित जानकारी का दुरुपयोग कर खाते से रकम निकाली है. हालांकि, ठगी किस तकनीक से की गई और आरोपी ने खाते तक पहुंच कैसे बनाई, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
बैंक और साइबर हेल्पलाइन पर की शिकायत
घटना के तुरंत बाद कारोबारी ने बैंक प्रबंधक से संपर्क कर संदिग्ध लेनदेन की जानकारी दी. उन्हें साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करने के लिए कहा गया. इसके बाद उन्होंने साइबर अपराध पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई. बाद में हुए लेनदेन के संबंध में अलग से भी शिकायत की गई.
साइबर ठगी के मामलों में समय पर शिकायत करना महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि संबंधित बैंक खातों और भुगतान माध्यमों की जांच कर संदिग्ध रकम को रोकने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. हालांकि, शिकायत दर्ज होने मात्र से रकम वापस मिलने या तत्काल रोक दिए जाने की गारंटी नहीं होती.
रकम नहीं रुकने पर पुलिस तक पहुंचा मामला
पीड़ित कारोबारी का कहना है कि साइबर पोर्टल पर शिकायत करने और संबंधित प्रक्रिया अपनाने के बाद भी निकाली गई रकम नहीं रुक सकी. इसके बाद उन्होंने कृष्णनगर पुलिस थाने पहुंचकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अब जांच में संदिग्ध लेनदेन, रकम जिन खातों में भेजी गई, मोबाइल फोन से संबंधित गतिविधियों और अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी.
साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानी जरूरी
इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन में सतर्कता की जरूरत को सामने रखा है. बैंक खाते से अनधिकृत रकम निकलने का संदेश मिलने पर तुरंत बैंक को सूचित करना चाहिए और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए. इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है.
पीड़ित को बैंक से शिकायत संख्या और लेनदेन का विवरण सुरक्षित रखना चाहिए. मोबाइल पर आए संदेश, बैंक विवरण और शिकायत से संबंधित दस्तावेज जांच में उपयोगी हो सकते हैं. किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी, एकमुश्त पासवर्ड या सत्यापन कोड साझा नहीं करना चाहिए.
फिलहाल अहमदाबाद के इस मामले में पुलिस जांच जारी है. ठगी में शामिल व्यक्ति की पहचान, रकम निकालने के तरीके और धन की बरामदगी को लेकर आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

