MP- 12 जिलों में सूखे का संकट, सरकार करा रही आकलन; केंद्र से मदद की तैयारी

MP- 12 जिलों में सूखे का संकट, सरकार करा रही आकलन; केंद्र से मदद की तैयारी

प्रेषित समय :16:49:55 PM / Tue, Oct 27th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

भोपाल. मध्य प्रदेश में कम बारिश से प्रभावित 12 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने की संभावना पर राज्य सरकार आकलन करा रही है. अलीराजपुर, धार, झाबुआ, रतलाम समेत इन जिलों में बारिश की कमी के कारण खेती पर असर पड़ा है. केंद्र सरकार के निर्धारित मापदंडों के आधार पर स्थानीय स्तर पर स्थिति का आकलन किया जा रहा है, ताकि पात्र जिलों को सूखाग्रस्त घोषित कराने और केंद्र से अतिरिक्त सहायता दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके.

मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभावित जिलों को हरसंभव सहयोग देने की बात कही. बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए बारिश में कमी और बोवनी के रकबे को प्रमुख आधार बनाया जाता है. निर्धारित मापदंडों के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र में सामान्य से 80 प्रतिशत कम बारिश और बोवनी का रकबा 80 प्रतिशत से कम होने की स्थिति का आकलन किया जाता है.

सरकार ने अलीराजपुर, धार, झाबुआ, रतलाम, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, शाजापुर, पांढुर्णा और खरगोन में कम बारिश को देखते हुए स्थिति की समीक्षा शुरू की है. स्थानीय आकलन पूरा होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों को राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.

नगरीय निकायों की गड़बड़ियों पर कार्रवाई तेज
कैबिनेट बैठक में नगरीय निकायों में अनियमितताओं का मुद्दा भी उठा. मंत्री काश्यप के मुताबिक, पिछले छह महीनों में 392 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. मुख्य सचिव के स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल से ऐसे मामलों की पहचान और कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है.

जेम (GeM) पोर्टल से जुड़ी गड़बड़ियों पर मंत्री ने कहा कि यह राष्ट्रीय स्तर का पोर्टल है. इसमें सामने आने वाली अनियमितताओं को रोकने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने भी स्पष्ट किया कि किसी विभाग में इस तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. आधुनिक तकनीक की मदद से अनियमितताओं पर नजर रखकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

तीन साल के कामकाज और आगामी रणनीति पर मंथन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि दिसंबर में सेवा चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा. इसमें सरकार के तीन साल के कार्यकाल की उपलब्धियों और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी. शिविर में मंत्री और विधायक एक साथ बैठकर सरकार के कामकाज की समीक्षा करेंगे. इसकी तारीख जल्द तय की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने दीपावली के दौरान मंत्रियों से अपने प्रभार वाले जिलों में माटी कला को बढ़ावा देने और मिट्टी के दीपक व अन्य उत्पादों के उपयोग को प्रोत्साहित करने की अपील भी की.

कैबिनेट के प्रमुख फैसले
कैम्पा योजना: वन विभाग की वर्ष 2026-27 की योजना को मंजूरी दी गई. इसके तहत 2,050 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

ईओडब्ल्यू को मजबूती: आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) के प्रशासनिक तंत्र को मजबूत करने के लिए 347 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई.

नर्मदा घाटी की परियोजनाएं: नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की चार परियोजनाओं को जारी रखने का फैसला लिया गया. इनके लिए 3,378 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए. ये परियोजनाएं वर्ष 2019-20 से संचालित हैं.

सामाजिक कल्याण: विभाग की सात योजनाओं के लिए 651 करोड़ रुपये मंजूर किए गए.

नए जिलों में शिक्षा कार्यालय: निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर जिलों में शिक्षा कार्यालय स्थापित करने के लिए प्रशासकीय मंजूरी दी गई, जिससे शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर बनाई जा सके.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-