चंडीगढ़. पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजवीर सिंह घुम्मन और शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के बीच विवाद कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है. घुम्मन ने मजीठिया को कानूनी नोटिस भेजकर सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों को वापस लेने, संबंधित पोस्ट हटाने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है. इसके लिए 24 घंटे की समयसीमा दी गई है.
ड्रग कारोबार से संबंध के आरोपों को बताया निराधार
राजवीर सिंह घुम्मन ने नोटिस में मजीठिया के उन आरोपों को खारिज किया है, जिनमें उन्हें कथित अवैध ड्रग सिंडिकेट और गैरकानूनी व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़े जाने की बात कही गई है. घुम्मन का दावा है कि सोशल मीडिया पर प्रकाशित पोस्ट में उनके खिलाफ बिना किसी दस्तावेजी या कानूनी प्रमाण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
नोटिस के मुताबिक, घुम्मन ने इन आरोपों को झूठा, निराधार और मानहानिकारक बताया है. उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित पोस्ट पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में साझा की गई थीं.
सुमन आर्बर ग्रुप को लेकर भी दी सफाई
कानूनी नोटिस में ‘सुमन आर्बर ग्रुप’ का उल्लेख करते हुए घुम्मन ने कहा है कि इस समूह का किसी निजी नशा मुक्ति केंद्र या अवैध फार्मास्युटिकल व्यापार नेटवर्क से कोई प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है.
घुम्मन ने आरोप लगाया कि मजीठिया के बयानों से उनकी व्यक्तिगत और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है. उनका कहना है कि पोस्ट को प्रमुख मीडिया संस्थानों, पत्रकारों और सोशल मीडिया अकाउंट्स को टैग करके साझा किया गया, जिससे आरोप व्यापक स्तर पर फैले.
राजनीतिक प्रतिशोध के तहत बदनाम करने का आरोप
घुम्मन ने नोटिस में दावा किया है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के पीछे व्यक्तिगत द्वेष और राजनीतिक प्रतिशोध की भावना है. उन्होंने कहा कि इन पोस्ट के सामने आने के बाद उन्हें परिचितों, रिश्तेदारों और सहकर्मियों के सवालों का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी और सामाजिक असहजता हुई.
हालांकि, ये सभी दावे कानूनी नोटिस में घुम्मन की ओर से रखे गए पक्ष का हिस्सा हैं. मामले में मजीठिया का जवाब और इन आरोपों के समर्थन में उपलब्ध साक्ष्य सामने आने के बाद ही विवाद के विभिन्न पहलुओं का आकलन किया जा सकेगा.
24 घंटे में पोस्ट हटाने और माफी की मांग
कानूनी नोटिस में घुम्मन ने मजीठिया से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:
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संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट को 24 घंटे के भीतर हटाया जाए.
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लगाए गए आरोप वापस लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए.
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भविष्य में इस तरह के आरोप नहीं लगाने का लिखित आश्वासन दिया जाए.
नोटिस में कथित मानहानि के लिए आर्थिक मुआवजे की मांग का भी उल्लेख किया गया है. घुम्मन ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में मांगें पूरी नहीं होने पर वह आपराधिक कार्यवाही और हर्जाने के लिए कानूनी मुकदमा दायर कर सकते हैं.
फिलहाल इस मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया की प्रतिक्रिया और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

