जबलपुर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान नगर एवं ग्राम निवेश विभाग के संयुक्त संचालक अमित कुमार गजभिये वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अंडरगारमेंट्स पहने बिस्तर पर लेटे हुए दिखाई दिए. अनुचित वेशभूषा में पेश होने पर जस्टिस दीपक खोत की एकलपीठ ने अधिकारी को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. साथ ही राज्य सरकार को उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
भूमि उपयोग में बदलाव को लेकर विवाद
मामला जबलपुर के गोरखपुर क्षेत्र की जमीन के भूमि उपयोग में बदलाव से जुड़ा है. मेसर्स जीएसबी कंस्ट्रक्शन ने याचिका दायर कर बताया था कि संबंधित जमीन मास्टर प्लान में आवासीय क्षेत्र के रूप में दर्ज है, लेकिन गलती से उसे औद्योगिक भूमि दर्शा दिया गया. भूमि के नक्शे और प्रकृति में सुधार की अनुशंसा 3 अक्टूबर 2025 को ही जबलपुर से भोपाल स्थित विभागीय कार्यालय भेजी जा चुकी थी.
आदेश का पालन नहीं होने पर दायर हुई अवमानना याचिका
हाईकोर्ट ने मूल याचिका का निराकरण करते हुए याचिकाकर्ता को पोर्टल के माध्यम से सुधार के लिए आवेदन देने का निर्देश दिया था. साथ ही संयुक्त संचालक को सात दिन के भीतर आवेदन अपलोड कराने और चार सप्ताह में उस पर निर्णय लेने को कहा था.
निर्धारित समय में आदेश का पालन नहीं होने पर याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका दायर की. सुनवाई के दौरान एकलपीठ ने संबंधित अधिकारी को अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे. रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने पर अधिकारी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित होने का आदेश दिया गया.
बिस्तर पर लेटे हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हुए शामिल
सुनवाई के दौरान भोपाल में पदस्थ संयुक्त संचालक अमित कुमार गजभिये बिस्तर पर लेटे हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए. इस दौरान वे शर्ट के बटन बंद करते और अंडरगारमेंट्स पहने दिखाई दिए. अधिकारी की इस वेशभूषा और पेश होने के तरीके पर हाईकोर्ट ने आपत्ति जताते हुए अवमानना नोटिस जारी किया और जवाब तलब किया. एकलपीठ ने राज्य सरकार को अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

