जबलपुर. जिस महिला को इस समय अपने परिवार और पति के सहयोग की सबसे ज्यादा जरूरत थी, उसे ही घरेलू प्रताड़ना का सामना करना पड़ा. जबलपुर में सात माह की गर्भवती महिला ने अपने पति पर दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने और बीच सड़क मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है. महिला का कहना है कि पति ने उसे चलती गाड़ी से उतारकर सड़क पर धक्का दे दिया और जमीन पर गिरने के बाद उसके पेट में लात मार दी. घटना के बाद घायल महिला को परिजन एल्गिन अस्पताल लेकर पहुंचे. उपचार कराने के बाद उसने हनुमानताल थाने पहुंचकर पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. मामला गर्भवती महिला की सुरक्षा और घरेलू हिंसा के गंभीर पहलुओं को सामने लाता है.
गर्भावस्था में भी प्रताड़ना का आरोप
पुलिस के अनुसार, सायरा खान (29) का निकाह 28 अप्रैल 2026 को हनुमानताल क्षेत्र के राजा बाबा की कुटी निवासी सरफराज से हुआ था. सायरा का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही पति ने मायके से सोने की अंगूठी लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया था. इस मांग को लेकर उसे लगातार परेशान किया जाता था.
महिला ने शिकायत में बताया कि उसकी तबीयत खराब रहने के बावजूद उससे घरेलू काम कराया जाता था. गर्भावस्था के दौरान भी उसे अपेक्षित सहयोग नहीं मिला. सात माह की गर्भवती होने के बावजूद पति के व्यवहार में बदलाव नहीं आया. महिला के मुताबिक, दहेज की मांग को लेकर घर में विवाद की स्थिति बनी रहती थी.
जेवर की रसीद मांगने पर बिगड़ी बात
घटना 25 अक्टूबर की बताई गई है. सायरा उस दिन अपने मायके गई हुई थी. पति सरफराज उसे लेने पहुंचा और वह उसके साथ वापस लौट रही थी. इसी दौरान पति ने निकाह में मिले जेवरात की रसीद मांगी. सायरा ने बताया कि वह मायके से रसीद लेकर नहीं आई है. इसी बात पर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया.
महिला का आरोप है कि पति ने गुस्से में उसे गाड़ी से नीचे उतार दिया. इसके बाद उसके साथ मारपीट की और धक्का देकर सड़क पर गिरा दिया.
गर्भवती होने की जानकारी के बावजूद हमले का आरोप
सायरा ने पुलिस को बताया कि जमीन पर गिरने के बाद पति ने उसके पेट में लात मारी. गर्भावस्था के इस संवेदनशील दौर में कथित हमले से वह घबरा गई और घायल हो गई. घटना की जानकारी मिलने पर उसके पिता अनवर, बहन रुखसार और जीजा अबरार मौके पर पहुंचे. परिजन उसे उपचार के लिए एल्गिन अस्पताल ले गए, जहां उसे भर्ती कराया गया.
इस घटना में सबसे गंभीर पहलू गर्भवती महिला के साथ कथित मारपीट और अजन्मे बच्चे की सुरक्षा से जुड़ा है. ऐसे मामलों में समय पर चिकित्सकीय परीक्षण और उपचार महत्वपूर्ण होता है.
अस्पताल से थाने पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत
उपचार के बाद गुरुवार को सायरा हनुमानताल थाने पहुंची और पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. पुलिस अब महिला द्वारा लगाए गए आरोपों, घटना की परिस्थितियों और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है.
यह मामला एक बार फिर दहेज की मांग और घरेलू हिंसा के कारण महिलाओं को झेलनी पड़ने वाली परेशानियों को सामने लाता है. विवाह के बाद आर्थिक मांगों को लेकर प्रताड़ना और गर्भावस्था में हिंसा की शिकायतें गंभीर सामाजिक तथा कानूनी चिंता का विषय हैं. फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी. महिला की शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना बाकी है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

