मुंबई. बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक और निर्माता संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन हो गया. 30 अक्टूबर की रात मुंबई स्थित अपने आवास पर गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट आई थी. शनिवार सुबह उनके निधन की खबर सामने आई, जिसके बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई.
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य भी घर में मौजूद थे, लेकिन काफी देर तक किसी को इसकी जानकारी नहीं हो सकी. वर्सोवा पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस को फिलहाल किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं. हालांकि, घटना की परिस्थितियों की जांच जारी है.
घर में गिरने से लगी थी सिर में चोट
संजय गुप्ता के अचानक निधन से उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों को गहरा झटका लगा है. फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर उनके निधन की पुष्टि करते हुए श्रद्धांजलि दी. उन्होंने संजय गुप्ता को बेहतरीन कहानीकार और जुनूनी फिल्ममेकर बताते हुए इसे फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति बताया.
'आतिश' से शुरू हुआ था निर्देशन का सफर
संजय गुप्ता ने 1994 में फिल्म 'आतिश : फील द फायर' से निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था. इस फिल्म में संजय दत्त और आदित्य पंचोली मुख्य भूमिकाओं में थे. एक्शन, दमदार संवाद और अपराध की दुनिया को पर्दे पर पेश करने की उनकी शैली ने शुरुआत में ही उन्हें अलग पहचान दिलाई.
'कांटे' ने दिलाई खास पहचान
साल 2002 में रिलीज हुई 'कांटे' उनके करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल रही. अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, लकी अली और कुमार गौरव जैसे कलाकारों से सजी इस फिल्म का एक्शन और कहानी कहने का अंदाज काफी अलग था. समय के साथ यह फिल्म कल्ट क्लासिक के रूप में पहचानी जाने लगी.
अंडरवर्ल्ड और क्राइम फिल्मों में बनाई अलग पहचान
संजय गुप्ता की फिल्मों में मुंबई की अपराध और अंडरवर्ल्ड की दुनिया प्रमुखता से दिखाई देती थी. 2004 में उन्होंने 'मुसाफिर' का निर्देशन किया. इसके बाद 2007 में रिलीज हुई 'शूटआउट एट लोखंडवाला' से बतौर निर्माता जुड़े. विवेक ओबेरॉय, अमिताभ बच्चन और संजय दत्त जैसे कलाकारों से सजी इस फिल्म को दर्शकों ने पसंद किया.
'शूटआउट एट वडाला' से फिर चर्चा में आए
साल 2013 में संजय गुप्ता ने 'शूटआउट एट वडाला' का निर्देशन किया. मुंबई के अंडरवर्ल्ड और गैंगवार की घटनाओं पर आधारित इस फिल्म में जॉन अब्राहम, अनिल कपूर, कंगना रनौत और तुषार कपूर नजर आए थे. इसके अलावा उन्होंने 'जज्बा', 'काबिल' और 'मुंबई सागा' जैसी फिल्मों का भी निर्देशन किया.
एक्शन, अपराध, दमदार संवाद और स्टाइलिश फिल्मांकन उनकी फिल्मों की पहचान रहे. कई दशकों तक हिंदी सिनेमा में सक्रिय रहे संजय गुप्ता अपने पीछे फिल्मों की ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जिसने उन्हें एक विशिष्ट फिल्ममेकर के रूप में पहचान दिलाई.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

