एमपी स्थापना दिवस पर सीएम मोहन यादव ने रोपा संकल्प वृक्ष, कहा- हमारी विशेषता है अनेकता में एकता

एमपी स्थापना दिवस पर सीएम मोहन यादव ने रोपा संकल्प वृक्ष, कहा- हमारी विशेषता है अनेकता में एकता

प्रेषित समय :15:50:27 PM / Sun, Nov 1st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस यानी 1 नवंबर को भोपाल स्थित शौर्य स्मारक में पौधरोपण अभियान के तहत संकल्प वृक्ष का रोपण किया. यह कार्यक्रम सेना दिवस-2027 के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया. संकल्प वृक्ष को मेरी माटी अभियान के तहत सभी जिलों के गांवों, कस्बों और शहरों से एकत्रित मिट्टी से सिंचित किया गया.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सैन्य इवेंट प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया. प्रदर्शनी में भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम, सामरिक क्षमता और तकनीकी नवाचार प्रदर्शित हैं. इवेंट पवेलियन में सेना दिवस परेड, रण हुंकार, एकीकृत युद्ध प्रदर्शन और सैन्य प्रदर्शनी लगाई गई है. यह 15 जनवरी को होने वाले सेना दिवस की रूपरेखा प्रस्तुत करती है .

भोपाल के शौर्य स्मारक में आयोजित हुआ कार्यक्रम

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह प्रदेश के लिए अत्यंत सौभाग्य और गौरव का विषय है कि 1 नवंबर से 15 जनवरी 2027 के बीच भारत की सेना अपने अदम्य पराक्रम, पुरुषार्थ और शौर्य का प्रदर्शन भोपाल की धरती पर करेगी. इस गौरवशाली आयोजन को लेकर मैं स्वयं भी अत्यंत उत्साहित हूं और प्रदेशवासियों को इस ऐतिहासिक अवसर के लिए अग्रिम बधाई देता हूं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सैन्य व्यवस्था में अनेक नवाचार और अभिनव प्रयोग किए हैं. इन प्रयासों से परंपरागत सैन्य आयोजनों को भी नई ऊर्जा, नया स्वरूप और नई दिशा मिली है.

एनसीसी के अनुभव बने रहते हैं प्रेरणा का स्रोत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अग्निवीर योजना के माध्यम से सेना में युवाओं की भागीदारी और उनमें राष्ट्रसेवा का नया संकल्प विकसित करने की पहल भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इसके लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन करता हूं. एनसीसी के माध्यम से युवाओं को देशभक्ति, सैन्य प्रशिक्षण और अनुशासन के संस्कार दिए जा रहे हैं. एनसीसी में बिताए गए अनुभव युवाओं के जीवन में सदैव प्रेरणा का स्रोत बने रहते हैं. ये संस्कार उन्हें भविष्य में भी राष्ट्र की एकता, अखंडता और अनुशासन के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देते हैं.

ऐतिहासिक है सेना दिवस का आयोजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस है. वर्ष-1956 में मध्य भारत की विभिन्न रियासतों को मिलाकर इस राज्य की स्थापना हुई. ऐसे में ये आनंद कई गुना इसलिए भी बढ़ जाता है कि आज से लेकर 15 जनवरी तक सेना दिवस को लेकर आयोजन होंगे. मध्यप्रदेश में इस वर्ष सेना दिवस का आयोजन ऐतिहासिक है. राज्य के 55 जिलों से मिट्टी का समायोजन इस बात का प्रमाण है कि कई तरह की विविधताएं, बोलियां, संस्कृति होने के बावजूद हम सभी एक हैं. हम भारतीय अनेकता में एकता का संदेश प्रसारित करते हैं, यही हमारी विशेषता है.

यह अवसर सेना को नमन करने का

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस की मैं सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई देता हूं. साथ ही, 15 जनवरी 2027 को सेना दिवस पर भोपाल में आयोजित होने वाले आयोजन के लिए मैं शुभकामनाएं देता हूं. देश की वीरता और शौर्य की गाथा बताने वाले इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए मैं रक्षा मंत्रालय सहित सभी आयोजकों का धन्यवाद करता हूं. हमारी सेना को नमन करने का अवसर हमें मिलेगा, इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए हम प्रयासरत हैं. उन्होंने कहा कि आज विभिन्न जिलों से मिट्टी के कलश लाने वाले सभी छात्रों का अभिनंदन करता हूं. हमारा देश युवाओं का देश है, राष्ट्र और प्रदेश के विकास में आपका योगदान महत्वपूर्ण है. सभी को मेरी ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं.

युवाओं के लिए प्रेरणादायी होगा सेना का आयोजन

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि आज के इस गौरवशाली अवसर पर प्रदेश ने एक और महत्वपूर्ण संकल्प लिया है. 1 नवंबर से 15 जनवरी 2027 तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सेना के शौर्य, पराक्रम और पुरुषार्थ को प्रदर्शित करने वाले आयोजन होंगे. पहली बार भोपाल की धरती पर सेना दिवस के माध्यम से भारतीय सेना के अदम्य साहस और पराक्रम का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की विकास यात्रा में महिला, युवा, गरीब और किसान इन चार प्रमुख वर्गों को विशेष प्राथमिकता दी है. इसी भावना के अनुरूप हमारी सरकार ने भी अपने पांच वर्षों के कार्यकाल में प्रत्येक वर्ष को एक विशेष वर्ग के कल्याण के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जबकि आगामी वर्ष 2027 युवा वर्ष होगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-