इंदौर में संघ की अखिल भारतीय बैठक शुरू, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और पंच परिवर्तन पर मंथन

इंदौर में संघ की अखिल भारतीय बैठक शुरू, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और पंच परिवर्तन पर मंथन

प्रेषित समय :12:22:48 PM / Mon, Nov 2nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

इंदौर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक सोमवार सुबह इंदौर के डेली कॉलेज स्थित संत रविदास महाराज सभागार में शुरू हुई. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन कर बैठक का शुभारंभ किया.

चार नवंबर की शाम तक चलने वाली बैठक में देशभर से करीब 400 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं. इसमें संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा, पंच परिवर्तन के क्रियान्वयन, शाखाओं के विस्तार और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने पर चर्चा की जा रही है.

46 प्रांतों और 11 क्षेत्रों के पदाधिकारी शामिल

बैठक में संघ के सभी सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय पदाधिकारी, 11 क्षेत्रों के संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक और उनके सहायक मौजूद हैं. इसके अलावा सभी 46 प्रांतों के संघचालक, कार्यवाह और प्रचारक भी शामिल हुए हैं. संघ से प्रेरित 32 संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री और सह संगठन मंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है.

शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की होगी समीक्षा

बैठक में शताब्दी वर्ष के तहत सालभर आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी. साथ ही इन गतिविधियों को आगे बढ़ाने और समाज के विभिन्न वर्गों तक उनके उद्देश्यों को पहुंचाने की रणनीति पर विचार होगा. पंच परिवर्तन के विषयों को व्यवहार में लागू करने और उनके निरंतर अनुसरण के लिए कार्ययोजना तैयार करना भी प्रमुख एजेंडे में शामिल है.

शाखाओं के विस्तार और संगठन को मजबूत करने पर जोर

शताब्दी वर्ष के दौरान स्वयंसेवकों ने संघ की शाखाओं का विस्तार किया है. बैठक में इस अभियान को आगे बढ़ाने, नए स्थानों पर शाखाएं शुरू करने और मौजूदा शाखाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा होगी.

विजयादशमी उद्बोधन के विषयों पर भी चर्चा

सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने विजयादशमी पर अपने उद्बोधन में कई समसामयिक विषय उठाए थे. बैठक में इन विषयों पर विचार-विमर्श के साथ उन्हें समाज तक पहुंचाने और उनसे जुड़ी आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी.

सरकार्यवाह जारी करेंगे तीन महत्वपूर्ण वक्तव्य

बैठक के दौरान सरकार्यवाह की ओर से तीन महत्वपूर्ण वक्तव्य जारी किए जाएंगे. पहला वक्तव्य राष्ट्रीय चेतना के अग्रदूत श्री राजनारायण बोस की 200वीं जयंती पर केंद्रित होगा. दूसरा शुद्धि आंदोलन के प्रमुख व्यक्तित्व स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान के 100 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में होगा. तीसरा वक्तव्य ओडिशा के कंधमाल में जनजातीय क्षेत्र में स्वाभिमान, स्वावलंबन और स्वधर्म की जागृति के लिए कार्य करने वाले वेदांत केसरी स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के जन्म शताब्दी वर्ष से संबंधित होगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-