हाईकोर्ट ने राज्यपाल की रिपोर्टों से जुड़े दस्तावेजों के निरीक्षण की दी अनुमति, कहा, याचिकाकर्ता जो मांगें उसकी सर्टिफाइड कॉपी दें

हाईकोर्ट ने राज्यपाल की रिपोर्टों से जुड़े दस्तावेजों के निरीक्षण की दी अनुमति, कहा, याचिकाकर्ता जो मांगें उसकी सर्टिफाइड कॉपी दें

प्रेषित समय :19:14:38 PM / Tue, Nov 3rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी हाईकोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता अजय दुबे को राज्यपाल द्वारा प्रदेश सरकार की गतिविधियों और राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों के संबंध में भारत सरकार को भेजी गई रिपोर्टों का निरीक्षण करने की अनुमति दी है.  कोर्ट ने संबंधित सरकारी अभिलेखों के निरीक्षण के बाद चिन्हित दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं.

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अल्पेश वाई. कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने 2 नवंबर 2026 को रिट अपील क्रमांक 3441/2026 में यह आदेश दिया. अपीलकर्ता की ओर से एडवोकेट राजेश चांद ने पैरवी की. अजय दुबे ने 12 दिसंबर 2011 को लोक सूचना अधिकारी, राजभवन सचिवालय, भोपाल को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत आवेदन दिया था. इसमें 1 जनवरी 2011 के बाद तत्कालीन राज्यपाल द्वारा मध्यप्रदेश शासन की गतिविधियों और प्रदेश की राजनीतिक स्थिति के संबंध में भारत सरकार को भेजी गई रिपोर्टों का माहवार विवरण मांगा गया था. इसके अलावा इन रिपोर्टों के आधार पर केंद्र सरकार द्वारा जारी पत्रों और निर्देशों की जानकारी भी मांगी गई थी.

जानकारी नहीं मिली तो हाईकोर्ट में दायर की अपील-

लंबे समय तक जानकारी नहीं मिलने के बाद अजय दुबे ने हाईकोर्ट में रिट अपील दायर की. उन्होंने पूर्व में पारित आदेश निरस्त कर मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश देने की मांग की थी. खंडपीठ ने निर्देश दिया कि पहले अपीलकर्ता को संबंधित अभिलेखों का निरीक्षण करने का अवसर दिया जाए. निरीक्षण के बाद वह जिन दस्तावेजों की प्रतियां चाहता है, उनका स्पष्ट उल्लेख करते हुए लोक सूचना अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकता है. हाईकोर्ट ने पूर्व आदेश में संशोधन करते हुए अभिलेखों के निरीक्षण और चिन्हित दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां मांगने की अनुमति दी. इसके साथ ही रिट अपील का निराकरण कर दिया गया. अब अजय दुबे संबंधित अभिलेखों का निरीक्षण कर यह तय कर सकेंगे कि उन्हें किन दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां चाहिए.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-