गोरखपुर. दीपावली और छठ पर घर लौटने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दिल्ली और मुंबई से गोरखपुर आने वाली ट्रेनों में 6 नवंबर तक और फिर 9 से 12 नवंबर तक सीटें उपलब्ध नहीं हैं. कई ट्रेनों में वेटिंग की सुविधा भी बंद हो चुकी है. ऐसे में यात्रियों के पास तत्काल टिकट का ही विकल्प बचा है. दूसरी ओर, बढ़ती मांग के चलते फ्लाइट और निजी बसों का किराया भी कई गुना तक बढ़ गया है.
त्योहारों पर नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों और छात्रों का दूसरे शहरों से घर लौटने का सिलसिला तेज हो गया है. दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु से आने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा मारामारी है. वैशाली और गोरखधाम एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में भी जगह मिलना मुश्किल हो गया है. बशारतपुर निवासी श्याम नारायण कुशवाहा गुड़गांव में परिवार के साथ रहते हैं. दीपावली पर पांच सदस्यों के साथ घर आने के लिए उन्होंने ट्रेन में टिकट तलाशा, लेकिन कहीं जगह नहीं मिली. फ्लाइट का टिकट बुक कराने के लिए एजेंट से संपर्क किया तो पांच लोगों का किराया 90 हजार रुपये बताया गया. अब वह तत्काल कोटे के टिकट के भरोसे हैं.
चार गुना तक बढ़ा फ्लाइट का किराया
दिल्ली और मुंबई से गोरखपुर आने वाली उड़ानों का किराया सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ गया है. आमतौर पर दिल्ली से गोरखपुर का हवाई टिकट 4 से 7 हजार रुपये में मिल जाता है, लेकिन 7 नवंबर तक इसका किराया बढ़कर 14 हजार से 26 हजार रुपये तक पहुंच गया है.
बसों में भी सीटों की मारामारी
दिल्ली से गोरखपुर के बीच विभिन्न ऑपरेटरों की 30 से अधिक बसें चलती हैं, लेकिन इनमें भी सीटों की उपलब्धता कम हो गई है. सबसे ज्यादा मांग 3 से 7 नवंबर के बीच है. सीमित सीटों के चलते बस संचालकों ने किराया बढ़ाकर 1,400 से 4,000 रुपये तक कर दिया है, जबकि सामान्य दिनों में यही किराया 700 से 1,200 रुपये के बीच रहता है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

