सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में बड़ा गुणवत्ता परीक्षण, चार साल की मान्यता के लिए तीन दिन तक चला एनएबीएच का सघन निरीक्षण

सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में बड़ा गुणवत्ता परीक्षण, चार साल की मान्यता के लिए तीन दिन तक चला एनएबीएच का सघन निरीक्षण

प्रेषित समय :19:42:45 PM / Tue, Nov 3rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज (एनएससीबीएमसी) के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में राष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य गुणवत्ता मान्यता (एनएबीएच) के नवीनीकरण की प्रक्रिया के तहत तीन दिवसीय निरीक्षण किया गया. इस दौरान एनएबीएच की तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं, मरीजों की देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का बारीकी से मूल्यांकन किया. टीम ने शासकीय संस्थान में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल प्रबंधन के प्रयासों की सराहना भी की.

छठे संस्करण के मानकों पर परखा अस्पताल

अस्पताल को आगामी चार वर्षों के लिए एनएबीएच मान्यता दिलाने के उद्देश्य से छठे संस्करण के निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप निरीक्षण किया गया. इसके अंतर्गत अस्पताल की व्यवस्थाओं, चिकित्सा प्रक्रियाओं, मरीजों की सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से जुड़े विभिन्न पहलुओं का आकलन किया गया.

निरीक्षण दल में मुख्य निरीक्षक क्लेयर डी मेलो (गोवा), डॉ. गीतिका जस्सल (गुरुग्राम) और डॉ. मनीष कपूर (नई दिल्ली) शामिल रहे. विशेषज्ञों ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण कर निर्धारित मानकों के पालन की स्थिति का जायजा लिया.

अस्पताल प्रबंधन को दिए सुधार के सुझाव

तीन दिवसीय निरीक्षण के दौरान टीम ने अस्पताल प्रबंधन को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं बनाए रखने और आवश्यक सुधार करने के संबंध में सुझाव दिए. निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट बाद में अस्पताल प्रबंधन को भेजी जाएगी. इसी रिपोर्ट के आधार पर मान्यता नवीनीकरण को लेकर आगे की प्रक्रिया पूरी होगी.

चिकित्सकों और कर्मचारियों ने निभाई सक्रिय भूमिका

निरीक्षण के दौरान एनएससीबीएमसी के अधिष्ठाता डॉ. नवनीत सक्सेना, सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल की संचालक डॉ. अपर्णा तामस्कर और नोडल अधिकारी डॉ. रश्मि परिहार सहित चिकित्सकों एवं अन्य कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई. एनएबीएच मान्यता का नवीनीकरण अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप व्यवस्थाओं को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-