नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश की बीना विधानसभा सीट से विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता और दल-बदल याचिका पर सुनवाई करते हुए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को दो महीने के भीतर नियमानुसार फैसला लेने का निर्देश दिया है.
शीर्ष अदालत ने यह आदेश नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया. कांग्रेस ने निर्मला सप्रे पर दल-बदल कानून के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग की है.
10वीं अनुसूची के मामलों में देरी पर टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने दल-बदल से जुड़े मामलों के निपटारे में देरी के मुद्दे पर भी ध्यान दिया. अदालत के निर्देश के बाद अब विधानसभा अध्यक्ष को निर्धारित दो महीने की अवधि में निर्मला सप्रे की सदस्यता के संबंध में निर्णय लेना होगा. इस मामले के फैसले पर राजनीतिक और कानूनी नजरें टिकी हैं.
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