नई दिल्ली. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से 16 नवंबर को ही उनकी जमानत याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करने को कहा है. सुनवाई के दौरान आजम खान की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने उनकी उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत की मांग की.
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की पीठ कर रही थी. अदालत ने याचिका को सुनवाई के लिए हाईकोर्ट भेजते हुए दो दिनों के भीतर वहां पहुंचाने के निर्देश दिए. हालांकि, पीठ ने मामले के गुण-दोष पर कोई राय देने से इनकार किया.
कपिल सिब्बल बोले- जेल में ही मर जाऊंगा
सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने आजम खान की ओर से दलील देते हुए कहा कि वह हर आरोप का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें जमानत दी जानी चाहिए. उन्होंने अदालत को बताया कि आजम खान की उम्र करीब 78 साल है और उनके खिलाफ पहले से ही कई मामले दर्ज हैं.
सिब्बल ने कहा, ''मैं हर चीज का सामना करूंगा, लेकिन मुझे जमानत चाहिए. मैं 80 साल का हो गया हूं. मुझे ED के मामले में गिरफ्तार किया गया है और 28 अन्य मामले भी हैं. ऐसे में मैं जेल में ही मर जाऊंगा.''
उन्होंने गिरफ्तारी के समय पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए आजम खान को जेल में रखने की कोशिश की जा रही है.
2006 के मामले में ED की कार्रवाई पर उठाए सवाल
कपिल सिब्बल ने दलील दी कि जिस मामले में कार्रवाई की जा रही है, वह वर्ष 2006 का है और इसकी FIR 2019 में दर्ज हुई थी. उन्होंने सवाल उठाया कि इतने पुराने मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस कैसे बनता है.
उन्होंने शिकायतों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ मामलों में घर में घुसकर नकदी, सोने की बालियां, बकरियां और अन्य सामान लूटने के आरोप लगाए गए हैं. साथ ही मकान गिराने की शिकायतें भी दर्ज हैं. सिब्बल ने इन आरोपों के आधार पर ED की कार्रवाई पर सवाल उठाए.
इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि उनकी दलीलों में दम हो सकता है, लेकिन अदालत इस स्तर पर कोई राय नहीं देना चाहती.
दो पैन कार्ड मामले में सजा निलंबित होने के बाद हुई गिरफ्तारी
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से जुड़े दो पैन कार्ड मामले में 29 अक्टूबर को सजा निलंबित किए जाने के बाद ED ने आजम खान को गिरफ्तार किया था. इसके बाद उनकी ओर से गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई.
याचिका में गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए आरोप लगाया गया है कि जांच एजेंसी की कार्रवाई में प्रक्रिया का दुरुपयोग हुआ है. आजम खान की ओर से यह भी दावा किया गया है कि आपराधिक न्याय व्यवस्था का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्य से किया जा रहा है.
अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में होगी जमानत पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान को तत्काल राहत देने के बजाय मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए भेज दिया है. हाईकोर्ट को 16 नवंबर को उनकी जमानत याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करने का निर्देश दिया गया है.
अब आजम खान की जमानत पर अगला फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट को करना है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

