प्रदूषण फैलाने वालों की अब खैर नहीं, नगर निगम का 100 दिन का महाअभियान शुरू, कचरा जलाया तो भारी जुर्माना

प्रदूषण फैलाने वालों की अब खैर नहीं, नगर निगम का 100 दिन का महाअभियान शुरू, कचरा जलाया तो भारी जुर्माना

प्रेषित समय :19:51:33 PM / Fri, Nov 6th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. शहर में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता और सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है. धूल, धुएं और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से नगर निगम ने 100 दिवसीय विंटर एक्शन प्लान तैयार किया है. इसके तहत शहर की प्रमुख सड़कों पर विशेष सफाई अभियान चलाने, पानी का छिड़काव करने, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपाय लागू कराने और प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है. नगर निगम की प्राथमिकता सर्दियों में वायु प्रदूषण के स्तर को निर्धारित मानकों के भीतर बनाए रखना है.

निगमायुक्त अग्रिम कुमार ने स्मार्ट सिटी कार्यालय में आयोजित नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कार्ययोजना का प्रभावी और सख्ती से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण के कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए.

पीएम-10 और पीएम-2.5 के स्तर पर रहेगी विशेष निगरानी

निगमायुक्त ने कहा कि शहर में पीएम-10 और पीएम-2.5 जैसे सूक्ष्म प्रदूषक कणों के स्तर को नियंत्रित रखना नगर निगम की प्राथमिकता है. इसके लिए वायु गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाएगी. प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित गतिविधियों की दैनिक और साप्ताहिक स्तर पर समीक्षा होगी.

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों की पहचान कर उनके नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें. सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर अभियान संचालित किया जाएगा.

सड़कों पर मशीनों से सफाई और पानी का छिड़काव

शहर की प्रमुख सड़कों से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों का उपयोग किया जाएगा. इन मशीनों से सड़कों की नियमित सफाई कराई जाएगी, ताकि धूल के कण वातावरण में फैलने से रोके जा सकें.

इसके अतिरिक्त वाटर स्प्रिंकलर के माध्यम से प्रमुख मार्गों और धूल प्रभावित क्षेत्रों में नियमित पानी का छिड़काव किया जाएगा. नगर निगम का प्रयास सड़क की धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करना और शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है.

निर्माण स्थलों पर ग्रीन नेट लगाना होगा अनिवार्य

निर्माण गतिविधियों से उत्पन्न धूल पर नियंत्रण के लिए भी विशेष व्यवस्था लागू की जाएगी. निर्माण स्थलों पर ग्रीन नेट लगाना अनिवार्य किया जाएगा, जिससे निर्माण सामग्री और मलबे से उड़ने वाली धूल आसपास के वातावरण में न फैले.

नगर निगम निर्माण कार्यों के दौरान धूल नियंत्रण संबंधी व्यवस्थाओं की निगरानी करेगा. कार्ययोजना में निर्माण स्थलों से होने वाले प्रदूषण को रोकने पर विशेष जोर दिया गया है.

कचरा जलाने और सड़कों पर मलबा फेंकने वालों पर कार्रवाई

विंटर एक्शन प्लान के तहत सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जलाने, सड़कों और फुटपाथों पर निर्माण मलबा फेंकने तथा गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त चालानी कार्रवाई की जाएगी. नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए अभियान चलाया जाएगा.

प्रशासन का उद्देश्य केवल सफाई व्यवस्था सुधारना नहीं, बल्कि प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों को रोककर नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना भी है.

वाहनों के पीयूसी प्रमाणपत्रों की होगी जांच

वाहनों से निकलने वाले धुएं पर नियंत्रण के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के सहयोग से विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा. इस दौरान वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी पीयूसी की जांच की जाएगी.

इसके साथ ही कृषि क्षेत्रों में नरवाई जलाने की घटनाओं पर भी निगरानी रखी जाएगी. नगर निगम की कार्ययोजना में शहरी और आसपास के क्षेत्रों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रयास शामिल किए गए हैं. निगमायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने और 100 दिवसीय अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-