ग्वालियर. ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल (JAH) में स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाने की तैयारी चल रही है. अस्पताल में एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी जांच सुविधाओं के विस्तार की योजना है, लेकिन मरीजों को एक विभाग से दूसरे विभाग या जांच केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था खुद बदहाल स्थिति में है. अस्पताल में मरीजों के परिवहन के लिए केवल दो पुरानी एंबुलेंस उपलब्ध होने की बात सामने आई है.
इसका सबसे ज्यादा असर न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी विभाग में भर्ती गंभीर मरीजों पर पड़ रहा है. जरूरत पड़ने पर समय से एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण मरीजों के परिजनों को निजी वाहन या बाहर से एंबुलेंस की व्यवस्था करनी पड़ रही है.
गंभीर मरीजों को समय पर जांच केंद्र पहुंचाना चुनौती
न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी विभाग में भर्ती कई मरीजों को तत्काल सीटी स्कैन सहित अन्य जांचों की आवश्यकता पड़ती है. ऐसी परिस्थितियों में मरीज को सुरक्षित तरीके से जांच केंद्र तक पहुंचाना उपचार प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. इसके बावजूद अस्पताल में पर्याप्त परिवहन संसाधन नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
निजी वाहनों से मरीजों को ले जाने की मजबूरी
पुराने जेएएच परिसर में स्थित सीटी स्कैन सेंटर पर जांच कराने पहुंचे श्योपुर निवासी मरीज मोनू के परिजनों ने बताया कि अस्पताल से एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें निजी वाहन से मरीज को लेकर आना पड़ा. अन्य मरीजों के परिजन भी इसी तरह निजी वाहनों का सहारा ले रहे हैं.
गंभीर मरीजों को निजी वाहनों से ले जाना जोखिम भरा हो सकता है. कई मरीजों को रास्ते में ऑक्सीजन, लगातार निगरानी और चिकित्सकीय सहायता की जरूरत होती है, जो सामान्य निजी वाहनों में उपलब्ध नहीं रहती.
स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
पेशेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी गजराराजा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को निर्देश दे चुके हैं. इसके बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा है.
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इतने बड़े अस्पताल में महज दो पुरानी एंबुलेंस के सहारे मरीजों का परिवहन कैसे संभव है? यदि दोनों एंबुलेंस पहले से मरीजों को लाने-ले जाने में व्यस्त हों, तो किसी नई आपात स्थिति में गंभीर मरीज को जांच केंद्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी कौन संभालेगा?
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

