जबलपुर. एमपी के जबलपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने की दिशा में जिला कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है. कलेक्टर ने आज जिला चिकित्सालय यानी विक्टोरिया अस्पताल पहुंचकर वहां की स्वास्थ्य सुविधाओं, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और मौजूदा व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान अस्पताल में व्याप्त लापरवाहियों पर कलेक्टर का कड़ा तेवर देखने को मिला, जिससे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है.
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल परिसर में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से सुना और उनसे सीधे संवाद किया. बातचीत के दौरान यह गंभीर तथ्य सामने आया कि कर्मचारियों को बीते दो महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. इस वित्तीय और प्रशासनिक लापरवाही पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए. प्रशासन के इस सख्त कदम ने साफ कर दिया है कि कर्मचारियों के हितों और प्रशासनिक कार्यों में कोताही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
वार्डों का जायजा लेकर मरीजों से लिया सीधा फीडबैक-
औचक निरीक्षण के अगले चरण में कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का दौरा किया. उन्होंने वहां भर्ती मरीजों और उनके साथ आए परिजनों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक लिया. कलेक्टर ने मरीजों से अस्पताल में मिल रहे उपचार, डॉक्टरों की उपलब्धता, मुफ्त मिलने वाली दवाओं और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की.
संवेदनशील व्यवहार की हिदायत-
आम नागरिकों और मरीजों की परेशानियों को बारीकी से समझने के बाद कलेक्टर ने मौके पर मौजूद सभी चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अस्पताल की दहलीज पर आने वाले प्रत्येक मरीज को बिना किसी असुविधा के बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए. इसके साथ ही, उन्होंने अस्पताल के स्टाफ को यह भी हिदायत दी कि वे मरीजों और उनके तीमारदारों के प्रति बेहद संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार रखें, ताकि आम जनता को सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का वास्तविक लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ मिल सके.

