जबलपुर. मध्य प्रदेश में न्यायिक अधिकारियों एवं उनके परिवारजनों के शारीरिक स्वास्थ्य, फिटनेस और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने की दिशा में एक अभिनव पहल के रूप में 'जोशÓ ज्यूडिशियल ऑफिसर्स स्पोर्ट्स एंड हेल्थ सेंटर का उद्घाटन जबलपुर स्थित जजेस कॉलोनी, रांझी में किया गया.
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोगजे की दूरदर्शी सोच, प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में परिकल्पित और स्थापित यह केंद्र न्यायिक अधिकारियों के स्वास्थ्य, कार्य एवं व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन तथा मानसिक तनाव से मुक्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. माननीय मुख्य न्यायाधिपति न्यायिक अधिकारियों के कल्याण और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहे हैं. इस केंद्र का उद्घाटन मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायाधीश माननीय श्री न्यायमूर्ति विवेक रूसिया एवं माननीय श्री न्यायमूर्ति आनंद पाठक द्वारा किया गया.
इस अवसर पर माननीय श्री न्यायमूर्ति विशाल धगट, माननीय श्री न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा, माननीय श्री न्यायमूर्ति डी.डी. बंसल, माननीय श्री न्यायमूर्ति विवेक जैन, माननीय श्री न्यायमूर्ति दीपक खोट एवं माननीय श्री न्यायमूर्ति अमित लाहोटी की गरिमामयी उपस्थिति रही. 'जोशÓ मध्य प्रदेश का अपनी तरह का प्रथम ज्यूडिशियल ऑफिसर्स स्पोर्ट्स एंड हेल्थ सेंटर है. इसे न्यायिक अधिकारियों और उनके परिवारजनों के लिए एक समग्र स्वास्थ्य एवं मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है. यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त इनडोर बैडमिंटन कोर्ट, ओपन जिम, पैदल चलने के लिए विशेष ट्रैक, योगाभ्यास के लिए शांत एवं समर्पित स्थान तथा बच्चों के लिए झूले और सी-सॉ सहित आकर्षक खेल क्षेत्र उपलब्ध हैं. इन सुविधाओं का उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों को व्यस्त एवं चुनौतीपूर्ण कार्यदिवस के बाद शारीरिक गतिविधियों, विश्राम और मनोरंजन के माध्यम से तरोताजा होने का अवसर प्रदान करना है. अपने संबोधन में माननीय श्री न्यायमूर्ति विवेक रूसिया ने कहा कि न्यायिक कार्य अत्यधिक जिम्मेदारी, मानसिक दबाव और लंबे कार्य घंटों से जुड़ा होता है.
ऐसे में 'जोश न्यायिक अधिकारियों को शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने, तनाव कम करने और मानसिक रूप से तरोताजा होने का अवसर प्रदान करेगा. इससे उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने तथा कार्य और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलेगी. माननीय श्री न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि 'जोशÓ केवल एक खेल परिसर नहीं, बल्कि आपसी मेलजोल और पारिवारिक एकजुटता का मंच है. यह न्यायिक अधिकारियों एवं उनके परिवारजनों को एक-दूसरे के करीब लाने, आपसी सौहार्द और सहयोग की भावना को सुदृढ़ करने तथा खेलकूद एवं मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
कार्यक्रम के दौरान बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला. पूर्व में आयोजित विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेने वाले न्यायिक अधिकारियों के बच्चों को माननीय न्यायाधीशगण द्वारा पुरस्कार वितरित किए गए. इस महत्वपूर्ण अवसर पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल श्री धर्मिंदर सिंह राठौर, जबलपुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री कृष्णमूर्ति मिश्रा, मध्य प्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी के निदेशक श्री उमेश पांडव, मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव सुश्री सुमन श्रीवास्तव, उच्च न्यायालय की रजिस्ट्री के अधिकारीगण तथा जबलपुर जिला न्यायपालिका के बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी अपने परिवारजनों के साथ उपस्थित रहे. कार्यक्रम का समापन मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (कार्य एवं अधोसंरचना) श्री युगल रघुवंशी द्वारा प्रस्तुत आभार प्रदर्शन के साथ हुआ. उन्होंने माननीय मुख्य न्यायाधिपति के प्रेरणादायी मार्गदर्शन के लिए उनके प्रति तथा उद्घाटन समारोह को सफल बनाने के लिए उपस्थित माननीय न्यायमूर्तिगण एवं सभी प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया.

