जबलपुर. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देशों के पालन और विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) प्रदेशभर में विशेष अभियान चला रही है. इसी कड़ी में अनूपपुर जिले में रेलवे को बिजली आपूर्ति करने वाली 220 केवी ट्रैक्शन फीडर ट्रांसमिशन लाइन के प्रतिबंधित कॉरिडोर में बने निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की गई. अभियान के तहत 23 निर्माणों के स्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि चार खतरनाक निर्माण हटाए जा चुके हैं. स्थानीय प्रशासन के सहयोग से लोगों को ऐसे निर्माणों से होने वाले गंभीर विद्युत खतरों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है.
ट्रैक्शन लाइन के नीचे निर्माण से जानलेवा हादसों का खतरा
एमपी ट्रांसको का विशेष अभियान रेलवे को बिजली आपूर्ति करने वाली 220 केवी ट्रैक्शन फीडर लाइन के नीचे और आसपास सुरक्षा मानकों के विपरीत किए गए निर्माणों पर केंद्रित है. अधिकारियों के अनुसार, तेज हवा या अन्य कारणों से बिजली के तार झूलने पर आसपास स्थित मकानों, दुकानों और दूसरी संरचनाओं में दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है. तारों के सीधे संपर्क के अलावा विद्युत आर्क भी जानलेवा हादसे का कारण बन सकता है.
132 केवी और 220 केवी लाइन के लिए निर्धारित है प्रतिबंधित क्षेत्र
नियमानुसार, 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन के दोनों ओर 27 मीटर और 220 केवी लाइन के दोनों ओर 35 मीटर का प्रतिबंधित कॉरिडोर निर्धारित है. इस क्षेत्र में सुरक्षा मानकों के विपरीत निर्माण करना लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है.
अनूपपुर की कई कॉलोनियों में नोटिस, निर्माण हटाने की समझाइश
अभियान के दौरान अनूपपुर की उज्ज्वल कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 13 में प्रेम अग्रवाल, चंद्रिका प्रसाद गुप्ता और अरविंद पाठक सहित संबंधित निर्माण स्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं. इसके अलावा चेतना नगर कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 11, अमरकंटक कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 12 और वार्ड क्रमांक 9 के इंदिरा तिराहा क्षेत्र में ट्रैक्शन लाइन के नीचे बने निर्माणों के स्वामियों को भी समझाइश दी गई है.
संबंधित लोगों को विद्युत दुर्घटनाओं के संभावित खतरे बताते हुए प्रतिबंधित कॉरिडोर में निर्माण नहीं करने और खतरनाक संरचनाओं को हटाने के लिए कहा गया है.
अधिकारियों के निर्देशन में चल रहा अभियान
एमपी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता आर.एस. पांडे और कार्यपालन अभियंता ए.पी.एस. चौहान के निर्देशन में शहडोल टीएलएम टीम अभियान संचालित कर रही है. शहडोल टीएलएम के सहायक अभियंता जगदीश असाटी स्थानीय प्रशासन के सहयोग से पब्लिक एड्रेस सिस्टम, व्यक्तिगत संपर्क और नोटिस के माध्यम से लोगों को सुरक्षा नियमों की जानकारी दे रहे हैं.
एमपी ट्रांसको की नागरिकों से अपील
एमपी ट्रांसको ने नागरिकों से अपील की है कि वे ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित कॉरिडोर में किसी भी प्रकार का निर्माण न करें और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें. कंपनी के अनुसार, अभियान का मुख्य उद्देश्य हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के साथ संभावित विद्युत दुर्घटनाओं को रोकना और लोगों की जान-माल की सुरक्षा करना है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-





