नई दिल्ली. हवाई टिकट खरीदने के बाद उड़ान का किराया कम हो जाए तो यात्रियों को लगता है कि थोड़ा इंतजार करने पर पैसे बच सकते थे. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्टार्टअप इस परेशानी का समाधान तलाश रहे हैं. ये कंपनियां टिकट बुक होने के बाद भी उड़ान के किराये पर लगातार नजर रखती हैं. कीमत घटने पर एयरलाइन के नियमों के अनुसार यात्री को अंतर की राशि रिफंड या ट्रैवल क्रेडिट के रूप में दिलाने का प्रयास करती हैं. इससे किराया कम होने का लाभ पहले से टिकट खरीद चुके यात्रियों को भी मिल सकता है.
एयरलाइंस की तकनीक का जवाब दे रहे स्टार्टअप
अमेरिकी एयरलाइंस AI का इस्तेमाल किराया तय करने, प्रतिस्पर्धियों की कीमतों पर नजर रखने और राजस्व बढ़ाने के लिए कर रही हैं. इसी बाजार में JetBack, Junova और Refare जैसी कंपनियां यात्रियों की ओर से तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं. इनका कहना है कि एयरलाइंस ने कीमतें बदलने वाली परिष्कृत प्रणालियां विकसित कर ली हैं, जबकि आम यात्री को किराया घटने की जानकारी के लिए खुद वेबसाइट बार-बार देखनी पड़ती है.
ये सेवाएं बुकिंग का विवरण लेकर उड़ान की कीमतों की निगरानी करती हैं. किराया कम होने पर कंपनी एयरलाइन की नीति और टिकट की शर्तों के आधार पर बचत हासिल करने की प्रक्रिया शुरू करती है. हर टिकट पर लाभ मिलना तय नहीं है. यह टिकट की श्रेणी और एयरलाइन के नियमों पर निर्भर करता है.
दस हजार उड़ानों की निगरानी में 22 प्रतिशत का किराया घटा
Junova ने सितंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच 10,000 उड़ानों के किराये पर नजर रखी. कंपनी के मुताबिक, इनमें लगभग 22 प्रतिशत उड़ानों का किराया टिकट बुक होने के बाद कम हुआ. जिन उड़ानों में कीमत घटी, उनमें करीब 40 प्रतिशत के किराये में एक से अधिक बार गिरावट दर्ज की गई. यह आंकड़ा बताता है कि टिकट खरीदने के बाद भी कीमतों में बदलाव हो सकता है और यात्रियों के लिए दोबारा बचत का अवसर बन सकता है.
Junova के सह-संस्थापक एजे ब्रस्टीन ने हवाई किरायों की तुलना शेयर बाजार से की. उनके मुताबिक, किराये ऊपर-नीचे होते रहते हैं. कीमत कम होने पर यात्री अंतर का लाभ लेने की कोशिश कर सकते हैं. हालांकि, हर गिरावट का अर्थ नकद वापसी नहीं होता. कई मामलों में एयरलाइन क्रेडिट मिलता है.
JetBack का दावा 24 लाख डॉलर की बचत दिलाई
JetBack का दावा है कि 2025 की शुरुआत में सेवा शुरू करने के बाद से उसने यात्रियों को कुल 24 लाख डॉलर के रिफंड और ट्रैवल क्रेडिट दिलाए हैं. संस्थापक ब्रायन डुब्नो का कहना है कि एयरलाइंस ने किराया प्रबंधन के लिए उन्नत तकनीक में निवेश किया है, जबकि उपभोक्ताओं से अब भी खुद कीमतें जांचने की अपेक्षा की जाती है. उनके अनुसार, AI का लाभ केवल एयरलाइंस को नहीं, यात्रियों को भी मिलना चाहिए.
स्वचालित निगरानी से यात्रियों का समय बच सकता है. फिर भी सेवा की शर्तें, शुल्क और मिलने वाले लाभ का स्वरूप समझना जरूरी है. बचत का दावा हर ग्राहक के लिए समान परिणाम की गारंटी नहीं है.
बचत में हिस्सा लेकर कमाती हैं कंपनियां
Junova सफलतापूर्वक दिलाई गई बचत का 20 प्रतिशत शुल्क लेती है, जबकि Refare 25 प्रतिशत हिस्सा रखती है. JetBack की वार्षिक सदस्यता 100 डॉलर है. कुछ कंपनियां तभी कमाई करती हैं, जब ग्राहक के लिए बचत हासिल हो जाती है, जबकि दूसरी सदस्यता के आधार पर सेवा देती है.
यात्री को संभावित बचत में से कंपनी का शुल्क घटाकर वास्तविक लाभ समझना चाहिए. यह भी देखना जरूरी है कि क्रेडिट नकद रिफंड है या भविष्य की यात्रा में ही इस्तेमाल होगा.
महामारी के बाद बदली नीतियों ने बनाया बाजार
इन सेवाओं के उभरने के पीछे कोरोना महामारी के बाद अमेरिकी एयरलाइंस की नीतियों में आया बदलाव अहम रहा. यात्रा संबंधी अनिश्चितता के कारण यात्रियों को बुकिंग बदलने में अधिक लचीलेपन की जरूरत पड़ी. इसके बाद कई अमेरिकी एयरलाइंस ने अधिकांश सामान्य गैर-वापसी योग्य टिकटों पर बदलाव शुल्क समाप्त कर दिए. इससे टिकट रद्द कर दोबारा बुकिंग करने या कम किराये का लाभ लेने की संभावनाएं बढ़ीं.
पहले कई गैर-वापसी योग्य टिकटों पर बदलाव शुल्क इतना अधिक था कि मामूली किराया गिरावट का लाभ लेना व्यावहारिक नहीं रहता था. वर्ष 2019 में अमेरिकी एयरलाइंस ने आरक्षण रद्द करने या बदलने के शुल्क से 2.84 अरब डॉलर कमाए थे. शुल्क समाप्त होने से किराया निगरानी सेवाओं के लिए नया बाजार खुला.
Alaska Airlines के फैसले से बढ़ी चिंता
इस कारोबार की सफलता एयरलाइंस की नीतियों पर निर्भर है. अक्टूबर की शुरुआत में Alaska Airlines ने ग्राहक सेवा के जरिए किराया घटने पर अंतर का लाभ देने की प्रक्रिया बंद कर दी. अब कम कीमत का लाभ लेने वाले यात्रियों को संबंधित किराया नियमों के अनुसार टिकट रद्द कर दोबारा बुक करना पड़ता है.
एयरलाइन के मुताबिक, मेन केबिन और फर्स्ट क्लास किरायों पर रद्दीकरण शुल्क नहीं है. बेसिक इकोनमी टिकटों पर अलग शर्तें हैं. प्रस्थान से कम से कम 14 दिन पहले टिकट रद्द करने पर टिकट मूल्य का 50 प्रतिशत क्रेडिट मिल सकता है. Refare के संस्थापक जस्टिन डोम्ब्रो को आशंका है कि दूसरी एयरलाइंस ने भी ऐसी प्रक्रिया अपनाई तो स्टार्टअप के लिए बचत दिलाना कठिन होगा.
एयरलाइंस को भी मिल सकता है फायदा
कम किराये का लाभ हमेशा नकद भुगतान नहीं होता. कई बार अंतर उसी कंपनी के ट्रैवल क्रेडिट के रूप में मिलता है, जिसका उपयोग भविष्य में उसी एयरलाइन से यात्रा के लिए करना पड़ता है. Junova के सह-संस्थापक ब्रस्टीन के मुताबिक, इससे ग्राहक भविष्य की यात्रा के लिए एयरलाइन से जुड़ा रह सकता है.
यात्रियों को किन बातों का रखना होगा ध्यान
AI सेवाएं टिकट बुक करने के बाद किराये की निगरानी कर सकती हैं, लेकिन इन्हें निश्चित रिफंड की गारंटी नहीं समझना चाहिए. टिकट खरीदते समय बदलाव और रद्दीकरण की शर्तें पढ़ें. सेवा कंपनी का शुल्क, क्रेडिट की वैधता और इस्तेमाल का तरीका भी समझें. एयरलाइन की नीति बदलने पर विकल्प प्रभावित हो सकते हैं.
अमेरिका में शुरू हुआ यह प्रयोग बताता है कि विमानन क्षेत्र में AI की प्रतिस्पर्धा अब केवल टिकट बेचने तक सीमित नहीं है. एयरलाइंस जहां मांग और प्रतिस्पर्धा के आधार पर कीमतें बदलने के लिए तकनीक अपना रही हैं, वहीं स्टार्टअप उसी तकनीक से यात्रियों के लिए संभावित बचत खोज रहे हैं. इस कारोबार का विस्तार इस बात पर निर्भर करेगा कि एयरलाइंस कम किराये का लाभ देने की सुविधा कितनी जारी रखती हैं और यात्री इन सेवाओं से वास्तविक बचत कितनी हासिल कर पाते हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-




