नई दिल्ली।
कंबोडिया अपने पर्यटन क्षेत्र को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक को तेज़ी से अपना रहा है। देश के पर्यटन मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने पर्यटन उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से आधुनिक पर्यटन तकनीकों के विकास पर ज़ोर देना शुरू कर दिया है। यह जानकारी 19 जनवरी को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में सामने आई, जिसमें पर्यटन के प्रचार-प्रसार के लिए डिजिटल टूल्स के व्यापक उपयोग पर चर्चा की गई।
पर्यटन मंत्रालय अब विदेशी पर्यटकों तक पहुँच बनाने के लिए एआई आधारित मार्केट रिसर्च, डिजिटल मार्केटिंग और कस्टमर इनसाइट्स का सहारा ले रहा है। इसका उद्देश्य पर्यटन प्रचार को अधिक प्रभावी, लक्षित और डेटा-आधारित बनाना है। कंबोडिया “स्मार्ट टूरिज़्म” मॉडल की दिशा में आगे बढ़ रहा है, ताकि वैश्विक ऑनलाइन मार्केटिंग मानकों के अनुरूप खुद को स्थापित कर सके और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाज़ार में अपनी स्थिति मज़बूत कर सके।
एआई तकनीक के ज़रिये कंबोडिया अपने पर्यटन अभियानों को अधिक सटीक और प्रभावशाली बना रहा है। मार्केट सेगमेंटेशन, पर्यटक प्रोफाइलिंग और व्यवहार विश्लेषण के माध्यम से मंत्रालय अब यह बेहतर ढंग से समझ पा रहा है कि पर्यटक क्या चाहते हैं और उनकी यात्रा की प्राथमिकताएँ क्या हैं। इसके आधार पर व्यक्तिगत यात्रा पैकेज, लक्षित प्रचार और विशेष ऑफ़र तैयार किए जा रहे हैं, जिससे पर्यटकों को अधिक आकर्षक अनुभव मिल सके।
डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बदलती पर्यटक अपेक्षाओं के साथ तालमेल बैठाने में भी मदद कर रहा है। आज के पर्यटक तकनीक-सक्षम और व्यक्तिगत अनुभवों की तलाश में रहते हैं। ऐसे में डिजिटल प्लेटफॉर्म, मोबाइल ऐप्स और एआई-आधारित सुझावों के ज़रिये उन्हें बेहतर सेवाएँ दी जा रही हैं। एआई चैटबॉट्स के माध्यम से रीयल-टाइम जानकारी और वर्चुअल टूर जैसी सुविधाएँ संभावित पर्यटकों को यात्रा से पहले ही कंबोडिया से जोड़ने का काम कर रही हैं।
पर्यटन मंत्रालय का मानना है कि एआई और डिजिटल टूल्स केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये सतत पर्यटन विकास में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। एआई के ज़रिये पर्यटक आवागमन और ट्रैवल ट्रेंड्स का विश्लेषण कर पर्यावरण-अनुकूल नीतियाँ बनाई जा सकती हैं। इससे पर्यटक संख्या और प्राकृतिक संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी और ओवर-टूरिज़्म जैसी समस्याओं से निपटा जा सकेगा।
इसके अलावा, एआई आधारित सिस्टम संवेदनशील पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या नियंत्रित करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी सहायक हो सकते हैं। स्मार्ट टूरिज़्म प्लेटफॉर्म पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देकर कंबोडिया को “ग्रीन टूरिज़्म डेस्टिनेशन” के रूप में स्थापित करने में मदद कर रहे हैं, जो पर्यावरण के प्रति जागरूक यात्रियों को आकर्षित करता है।
डिजिटल तकनीक का समावेश कंबोडिया में यात्रा अनुभव को अधिक सुगम और प्रभावी बना रहा है। एआई आधारित प्लेटफॉर्म के ज़रिये उड़ानों की जानकारी, स्थानीय परिवहन, होटल बुकिंग और पर्यटन स्थलों की उपलब्धता जैसी जानकारियाँ रीयल-टाइम में उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे होटल, रेस्टोरेंट, टूर ऑपरेटर और परिवहन सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय संभव हो रहा है और पर्यटकों को एक सहज अनुभव मिल रहा है।
पर्यटन मंत्रालय स्मार्ट टूरिज़्म इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में भी निवेश कर रहा है। प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में स्मार्ट सिटी समाधान, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स और एआई तकनीक के इस्तेमाल से पर्यटक प्रबंधन और सुरक्षा को मज़बूत किया जा रहा है। भविष्य में डिजिटल पासपोर्ट, ब्लॉकचेन आधारित बुकिंग सिस्टम और एआई-संचालित भाषा अनुवाद टूल्स जैसे नवाचार भी लागू किए जा सकते हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए यात्रा और अधिक आसान हो जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन क्षेत्र में एआई और डिजिटल तकनीक को अपनाना कंबोडिया के लिए एक निर्णायक कदम है। इससे न केवल देश की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि पर्यटन विकास को टिकाऊ और भविष्य-अनुकूल बनाने में भी मदद मिलेगी। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नवोन्मेषी सोच के साथ कंबोडिया दक्षिण-पूर्व एशिया में एक अग्रणी स्मार्ट टूरिज़्म डेस्टिनेशन बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

