नई दिल्ली. फुटबॉल जगत के दिग्गज खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है. 41 वर्षीय पुर्तगाली सुपरस्टार ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा कर अपने फैसले की जानकारी दी. इसके साथ ही पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के साथ उनका 23 साल लंबा सफर समाप्त होने जा रहा है.
रोनाल्डो ने स्पष्ट किया है कि नवंबर के अंतरराष्ट्रीय मैचों के बाद वह पुर्तगाल की जर्सी में मैदान पर नजर नहीं आएंगे. उन्होंने अपने बयान में राष्ट्रीय टीम की मशहूर नंबर 7 जर्सी को अगली पीढ़ी के खिलाड़ी को सौंपने की बात कही. उनका यह फैसला फुटबॉल इतिहास के एक बड़े अध्याय का अंत माना जा रहा है.
2003 में शुरू हुआ था इंटरनेशनल करियर
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अगस्त 2003 में पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय सफर शुरू किया था. शुरुआती दौर में ही उन्होंने अपनी तेज रफ्तार, शानदार ड्रिब्लिंग और गोल करने की क्षमता से दुनिया का ध्यान खींचा.
धीरे-धीरे वह पुर्तगाल टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी और कप्तान बन गए. उनके नेतृत्व में पुर्तगाल ने 2016 में पहली बार यूरोपीय चैंपियनशिप का खिताब जीता. इसके अलावा टीम ने 2019 और 2025 में UEFA नेशंस लीग भी अपने नाम की.
234 मैच और 146 गोल, कई रिकॉर्ड किए अपने नाम
रोनाल्डो का अंतरराष्ट्रीय करियर उपलब्धियों के लिहाज से बेहद खास रहा है.
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पुर्तगाल के लिए 234 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले.
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146 अंतरराष्ट्रीय गोल किए.
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पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सर्वाधिक गोल का रिकॉर्ड बनाया.
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पुरुष फुटबॉल में सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है.
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2016 में पुर्तगाल को यूरो कप जिताने में अहम भूमिका निभाई.
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2019 और 2025 में नेशंस लीग विजेता टीम का हिस्सा रहे.
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छह फीफा विश्व कप और पांच यूरोपीय चैंपियनशिप में पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व किया.
संन्यास पर क्या बोले रोनाल्डो?
अपने विदाई संदेश में रोनाल्डो ने कहा कि राष्ट्रीय टीम की जर्सी पहनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है. उन्होंने बताया कि यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि इसके साथ उनकी भावनाएं और जीवन की कई यादें जुड़ी हुई हैं.
उन्होंने अपने परिवार, प्रशंसकों, साथियों, कोच और सपोर्ट स्टाफ का आभार जताया. रोनाल्डो ने कहा कि अगर उनके किसी गोल ने लोगों के चेहरे पर खुशी लाई या उन्हें अपने देश पर गर्व महसूस कराया, तो उनका यह सफर सार्थक रहा.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुर्तगाल हमेशा उनके दिल का हिस्सा रहेगा.
कोच से विवाद के बाद आया फैसला
रोनाल्डो का संन्यास ऐसे समय में आया है, जब पिछले कुछ समय से पुर्तगाल की टीम में उनकी भूमिका को लेकर चर्चा चल रही थी. मुख्य कोच जॉर्ज जीसस के साथ खेलने के समय और टीम में जिम्मेदारी को लेकर उनका विवाद भी सामने आया था.
रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रीय टीम का कैंप छोड़ने के मामले में पुर्तगाल फुटबॉल महासंघ ने उन पर 30 दिनों का निलंबन और 255 यूरो का जुर्माना लगाया था. हालांकि, रोनाल्डो ने अपने विदाई संदेश में संन्यास को किसी एक विवाद से जोड़कर नहीं बताया.
अब क्लब फुटबॉल में जारी रहेगा सफर
अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से विदाई के बावजूद रोनाल्डो का क्लब करियर जारी रहेगा. वह सऊदी अरब के क्लब अल नासर के लिए खेल रहे हैं. ऐसे में प्रशंसक उन्हें क्लब फुटबॉल में खेलते हुए देख सकेंगे.
रोनाल्डो का पुर्तगाल के लिए 23 साल का सफर केवल गोल और रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने अपनी टीम को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में नई पहचान दिलाई. उनकी विदाई के साथ ही पुर्तगाल फुटबॉल में एक युग का अंत होने जा रहा है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-




