एमपी के दमोह में चुनाव खत्म होते ही कोरोना आया, कर्फ्यू शुरु

एमपी के दमोह में चुनाव खत्म होते ही कोरोना आया, कर्फ्यू शुरु

प्रेषित समय :20:37:02 PM / Sun, Apr 18th, 2021

पलपल संवाददाता, जबलपुर/दमोह. मध्यप्रदेश के दमोह में चुनाव खत्म होते ही कोरोना कफ्र्यू की घोषणा कर दी गई, आज कलेक्टर तरुण राठी ने आदेश जारी करते हुए 19 अप्रेल की रात दस बजे से 26 की सुबह 6 बजे तक कफ्र्यू लगाने के आदेश दे दिए है.

                           कलेक्टर तरुण राठी ने अपने आदेश में कहा कि आज सीएमएचओ के प्रतिवेदन पर कोरोना कफ्र्यू लागू किया जा रहा है, कफ्र्यू के दौरान सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक जुलूस पर प्रतिबंध रहेगें, कफ्र्यू के दौरान कोई भी कार्यक्रम करने से पहले अनुमति लेना होगी. आज कफ्र्यू लगाने की घोषणा के बाद से ही दमोह में चर्चाओं का माहौल शुरु हो गया है, लोग यही कह रहे है कि क्या जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को चुनाव के  दौरान संक्रमण नहीं दिखा, जबकि चुनाव के दौरान ही कोरोना के पाजिटिव मामले सामने आ रहे थे, इसके बाद भी प्रशासन ने चुनाव को तरजीह दी और दमोह की जनता की जान को खतरे में डाल दिया, उस वक्त कोरोना को रोकने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाए गए, मतदान के दिन भी न तो सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराया गया, न ही मास्क लगाने के लिए लोगों को कहा गया, भीड़ के बीच मतदान हुआ, कोई रोकटोक नहीं थी, लेकिन मतदान समाप्त होने के बाद ही कफ्र्यू की घोषणा कर दी गई.

जिससे यह बात तो साफ हो गई है कि दमोह में सरकार से लेकर जिला प्रशासन तक सभी को चुनाव कराना जरुरी रहा, कोरोना संक्रमण की रोकथाम करना नहीं. इस मामले में कलेक्टर श्री राठी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया चल रही थी, इसलिए कोरोना कफ्र्यू नहीं लगाया गया है, कोरोना कफ्र्यू के दौरान आवश्यक वस्तुओं को छूट रहेगी, फल, सब्जी, हाथ ठेलों के माध्यम से फेरी लगाकर बेची जा सकेगी, दूध की दुकानें सुबह 7 से 11 बजे तक व शाम 6 से 8 बजे तक खुली रहेगी, इसके अलावा कृषि संबंधित दुकानें प्रतिबंध से मुक्त रहेगी, बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन से यात्री आ जा सकेगें,

चुनाव के दौरान ही संक्रमण तेजी से फैल रहा था-

सूत्रों की माने तो उपचुनाव के दौरान ही दमोह में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा था 100 से ज्यादा पाजिटिव मामले सामने आ रहे थे लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इन आंकड़ों में बाजीगरी दिखाई, जिसके चलते लोगों को हकीकत का पता नही चल सका, शनिवार को ही 140 पाजिटिव मामले सामने आए, इसके पहले शुक्रवार को 82 व गुरुवार को 128 प्रकरण सामने आए, मौत के मामलों में भी इजाफा हुआ, फिर भी चुनाव को महत्व दिया गया. चुनाव के पहले मरीजों की संख्या न के बराबर रही लेकिन चुनाव प्रक्रिया शुरु होने के बाद स्थितियां बिगड़ी लेकिन इन्हे नजर अंदाज किया जाता रहा. 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

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