पितृ पर्व-ये समय है ऋण चुकाने का

पितृ पर्व-ये समय है ऋण चुकाने का

प्रेषित समय :21:09:06 PM / Fri, Sep 17th, 2021

इस वर्ष पितृ पर्व 20 सितंबर से 6 अक्टूबर के बीच मनाया जायेगा, इन पंद्रह दिनों मे हम अपने रक्त संबंधी, रिश्तेदारी,मित्र आदि जो दिवंगत हो गए है उनके लिए पिंड दान करके श्रद्धा अर्पण करते है, उन्हे तर्पण करते है,इसे पितृ पक्ष भी कहते हैं इस समय का क्या महत्व है आइये इसे जानते हैं सनातन धर्म कुछ भी ऐसे ही नहीं होता,सबके पीछे कारण होता है और कारण भी ऐसा कि सबकी आँख खोल दे, इस पक्ष में हम तिथि के हिसाब से अपने पितृ का तर्पण करते हैं,

आप सभी जानते हैं कि हम सभी चैतन्य जीवों चाहे वो कोई भी हो संसार में सभी का जीवन ऊर्जा से चलता है जैसे बिजली से चलने वाले सभी उपकरण चलते हैं जिसके बदले हमें बिजली का बिल प्राप्त होता है जब तक हम सही तरीके से बिल चुकाते रहते हैं हमारे सारे उपकरण व कामकाज सही ढंग से चलते रहते हैं वरना बिजली कटौती,दंड,कुरकी ये सभी कार्य होते है ,हम  सभी बिजली के उपकरणों की तरह ही है जो भगवान ,अल्लाह की रोशनी,प्रकाश से चलने है भगवान इसके लिए हमें कोई बिल नहीं भेजता ,इसके लिए भगवान ने पितृ पक्ष  निश्चित कर रखा है चूँकि पिता माता हमारे बढो ने हमारे पालनपोषण देखरेख मे अपना जीवन खपा दिया ,यदि हम इस पक्ष में पितृ की तिथि के आधार पर गाय,कुता,कौवे को भोजन कराते हैं तो निश्चित रूप से आपके परिवार में वो सब नही होगा जो बिजली का बिल न चुकाने पर होता है बल्कि पितृ पक्ष में बामहण,गाय,कुता,कौवे. के अलावा किसी भी जीवों का पेट भरने से आपके जीवन के दुरयोग ,ग्रहण योग खत्म होते हैं साथ ही समृद्धि भी आती हैं इसलिए इन पनदरह(१५) दिनों में अपने पितृ मित्र जिनहे आप जानते हैं उनके नाम से तरपण कीजिए श्रद्धा के साथ कीजिए किसी गये व्यक्ति के लिए मन में अच्छा विचार रखे आपका कल्याण होगा.

*पंडित चंद्रशेखर नेमा हिमांशु*
ज्योतिर्विद्, वास्तु विशेषज्ञ, रत्न सलाहकार
9893280184,7000160931

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

पितृ पर्व, सितंबर माह और आपकी प्रगति

पितृ पक्ष को मित्र पक्ष भी बनाइए और दुनिया को पितृ और स्वर्गीय मित्र की खूबियां दिखाइए!

पितृदोष क्या है और इसका वास्तु से क्या संबंध है?

पत्रकारिता के पितृपुरुष भगवतीधर बाजपेई नहीं रहे

वास्तु के अनुसार ऐसे करें पितृ दोष निवारण

Leave a Reply