अभिमनोजः पंजाब विधानसभा चुनाव! कांग्रेस के लिए उलझन, आप के लिए अवसर और अकाली दल के लिए चुनौती?

अभिमनोजः पंजाब विधानसभा चुनाव! कांग्रेस के लिए उलझन, आप के लिए अवसर और अकाली दल के लिए चुनौती?

प्रेषित समय :06:58:25 AM / Sat, Oct 23rd, 2021

नजरिया. पंजाब में अगले साल 2022 की शुरूआत में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं और यह सवाल रहस्य बनता जा रहा है कि नतीजे क्या होंगे?

पंजाब विधानसभा चुनाव 2017 में कांग्रेस को 38.5 प्रतिशत वोट मिले थे, शिरोमणि अकाली दल को 25.3 प्रतिशत वोट मिले थे, आम आदमी पार्टी को 23.8 प्रतिशत वोट मिले थे, तो बीजेपी को 5.3 प्रतिशत वोट मिले थे.

इस बार कृषि कानूनों के विरोध को लेकर कांग्रेस बेहतर स्थिति में थी, लेकिन पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच चली राजनीतिक जंग ने सारा सियासी समीकरण ही बदल कर रख दिया है.

विधानसभा चुनावों से कुछ समय पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़े और चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद से तो सियासी जंग और भी तेज हो गई है, यही नहीं, आरोप-प्रत्यारोप का खेला भी जम कर चल रहा है.

कांग्रेस ने दलित मुख्यमंत्री चुनकर दलित वोट बैंक को रिझाने की कोशिश की है, तो कैप्टन ने नई पार्टी बनाने का ऐलान किया है, जो किसान आंदोलन समाप्त होने की हालत में बीजेपी के साथ चुनाव लड़ेगी, मतलब- किसान आंदोलन के कारण सियासी दौड़ से बाहर हो गई बीजेपी का पंजाब-प्रवेश कैप्टन के दम पर होगा?

कृषि कानूनों के विरोध में अकाली दल ने इस बार अपनी दशकों पुरानी सहयोगी पार्टी बीजेपी से सियासी नाता तोड़ लिया है और बसपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है.

मजेदार बात यह है कि अकाली दल ने यह घोषणा की है कि यदि पार्टी 2022 के विधानसभा चुनाव जीतती है, तो उप-मुख्यमंत्री एक दलित होगा, अलबत्ता कांग्रेस ने तो पहले ही दलित को मुख्यमंत्री बना दिया है.

इस बार चुनाव में जो सबसे बड़ा मुद्दा है, वह है- मोदी सरकार के तीन कृषि क़ानून, जिनके विरोध में किसान दिल्ली की सीमा पर करीब दस माह से बैठे हुए हैं और इन्हीं क़ानूनों के कारण अकाली दल ने बीजेपी से अपना दशकों पुराना गठबंधन तोड़ा है.

इसके अलावा बेअदबी मामले में न्याय न मिलना भी बड़ा मुद्दा है, तो पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन का, घर-घर नौकरी का वादा भी यक्ष-प्रश्न बना हुआ है.

इतना ही नहीं, नशे का कारोबार, बिजली की समस्या आदि मुद्दे भी असरदार रहेंगे.

कुल मिला कर पंजाब विधानसभा चुनाव.... कांग्रेस के लिए उलझन, आप के लिए अवसर और अकाली दल के लिए चुनौती बने हैं.

देखना दिलचस्प होगा कि पंजाब की राजनीति क्या रंग दिखाती है?

https://twitter.com/Sukhjinder_INC/status/1451566278259269646

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

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