जबलपुर. मध्यप्रदेश के जबलपुर के संभागीय उपायुक्त आदिवासी विकास कार्यालय में उस समय हड़कम्प मच गया जब सहायक ग्रेड 3 कंप्यूटर ऑपरेटर मनीष परते को लोकायुक्त की टीम ने 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया.
जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने बताया कि शिकायतकर्ता पवन झारिया पिताश्री चंद्र कुमार झारिया उम्र 33 साल निवासी टिकरिया तहसील नारायणगंज जिला मंडला ने लोकायुक्त से शिकायत की थी कि व्यापम के माध्यम से शिक्षक वर्ग 2 में चयन होने पर नियुक्ति के आदेश जारी करने के एवज में मनीष परते पिता रेवाराम परते उम्र 44 साल सहायक ग्रेड 3 कंप्यूटर ऑपरेटर कार्यालय संभागीय उपायुक्त आदिवासी विकास जबलपुर द्वारा पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है.
शिकायतकर्ता की शिकायत के बाद लोकायुक्त की टीम ने आज मंगलवार को संभागीय उपायुक्त आदिवासी विकास कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर मनीष परते को नियुक्ति आदेश जारी करने के एवज में 5000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा.
इस कार्यवाही में लोकायुक्त टीम के डीएसपी जेपी वर्मा, निरीक्षक कमल सिंह उईके, निरीक्षक सुरेखा परमार, निरीक्षक नरेश बेहरा, आरक्षक अमित मंडल, आरक्षक अंकित भैया, आरक्षक अमित गावडे, आरक्षक ड्राइवर राकेश विश्वकर्मा की भूमिका उल्लेखनीय रही.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-जबलपुर में नाबालिग साली का अपहरण कर जीजा ने किया रेप..!
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