#Navratri आज का दिनः रविवार, 14 अप्रैल 2024, प्रतियोगी परीक्षा में कामयाबी के लिए देवी कात्यायनी की पूजा करें!

#Navratri आज का दिनः रविवार, 14 अप्रैल 2024, प्रतियोगी परीक्षा में कामयाबी के लिए देवी कात्यायनी की पूजा करें!

प्रेषित समय :20:29:42 PM / Sat, Apr 13th, 2024
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- प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी (व्हाट्सएप- 9372346123)
कञ्चनाभां वराभयं पद्मधरा मुकटोज्जवलां.
स्मेरमुखी शिवपत्नी कात्यायनेसुते नमोऽस्तुते॥
पटाम्बर परिधानां नानालङ्कार भूषिताम्.
सिंहस्थिताम् पद्महस्तां कात्यायनसुते नमोऽस्तुते॥
परमानन्दमयी देवी परब्रह्म परमात्मा.
परमशक्ति, परमभक्ति, कात्यायनसुते नमोऽस्तुते॥
विश्वकर्ती, विश्वभर्ती, विश्वहर्ती, विश्वप्रीता.
विश्वाचिन्ता, विश्वातीता कात्यायनसुते नमोऽस्तुते॥
कां बीजा, कां जपानन्दकां बीज जप तोषिते.
कां कां बीज जपदासक्ताकां कां सन्तुता॥
कांकारहर्षिणीकां धनदाधनमासना.
कां बीज जपकारिणीकां बीज तप मानसा॥
कां कारिणी कां मन्त्रपूजिताकां बीज धारिणी.
कां कीं कूंकै क: ठ: छ: स्वाहारूपिणी॥

* देवी दुर्गा के नौ रूप हैं, जिनकी नवरात्रि में आराधना की जाती है.
* देवी दुर्गा का छठा स्वरूप कात्यायनी है.
* देवी कात्यायनी, सिंह पर सवार हैं.
* देवी कात्यायनी एक हाथ में तलवार और दूसरे में अपना प्रिय पुष्प कमल लिये हुए हैं, शेष दो हाथ- वर मुद्रा और अभयमुद्रा में हैं.
* जिन व्यक्तियों ने जाने/अनजाने बुजुर्गों और गुरु का अपमान किया हो उन्हें देवी कात्यायनी से सच्चे दिल से क्षमा मांगनी चाहिए और पूजा-अर्चना करके प्रायश्चित व्रत करना चाहिए, साथ ही भविष्य में ऐसी गलती नहीं करने का संकल्प लेना चाहिए.
* देवी कात्यायनी की पूजा-अर्चना से गुरु ग्रह की अनुकूलता प्राप्त होती है इसलिए धनु और मीन राशि वालों को देवी की आराधना से संपूर्ण सुख की प्राप्ति होती है.
* जिन श्रद्धालुओं की गुरु की दशा-अंतर्दशा चल रही हो उन्हें भी देवी कात्यायनी की पूजा-अर्चना करनी चाहिए.
* प्रतियोगी परीक्षा, उच्च शिक्षा और शिक्षण कार्य के क्षेत्र में सफलता के लिए श्रद्धालुओं को देवी कात्यायनी की आराधना करनी चाहिए.
* जिन श्रद्धालुओं के बुजुर्गों/पति से मतभेद हों वे संकल्प लेकर देवी कात्यायनी की आराधना करें, विवाद से राहत मिलेगी.
सिद्धिविनायक पंचांग, मुंबई 14 अप्रैल 2024
* तिथि षष्ठी - 11:46 तक, नक्षत्र आर्द्रा - 25:36 तक, करण तैतिल - 11:46 तक, गर - 23:54 तक, पक्ष शुक्ल, योग अतिगंड - 23:32 तक, वार रविवार
* चन्द्र राशि मिथुन, चन्द्रोदय 10:52, चन्द्रास्त 24:48
* शक सम्वत 1946, विक्रम सम्वत 2081
* मास पूर्णिमांत चैत्र, मास अमांत चैत्र
* राहुकाल 17:22 से 18:56 तक
* शुभ मुहूर्त अभिजीत 12:14 से 13:04 तक
* दिशाशूल पश्चिम
* ताराबल - अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद
* चन्द्रबल - मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर
रविवार चौघड़िया- 14 अप्रैल 2024
* दिन का चौघड़िया

उद्वेग - 06:22 से 07:56
चर - 07:56 से 09:30
लाभ - 09:30 से 11:05
अमृत - 11:05 से 12:39
काल - 12:39 से 14:13
शुभ - 14:13 से 15:47
रोग - 15:47 से 17:21
उद्वेग - 17:21 से 18:56
* रात्रि का चौघड़िया
शुभ - 18:56 से 20:21
अमृत - 20:21 से 21:47
चर - 21:47 से 23:13
रोग - 23:13 से 00:38
काल - 00:38 से 02:04
लाभ - 02:04 से 03:30
उद्वेग - 03:30 से 04:55
शुभ - 04:55 से 06:21
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा मुंबई का समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!

- आज का राशिफल -
मेष राशि:- चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ

मेष राशि:- पारिवारिक ज़िम्मेदारियों को न भूलें. घटती घरेलू ज़िम्मेदारी और रुपये-पैसे को लेकर वाद-विवाद के चलते आपके वैवाहिक जीवन में खटास पैदा हो सकती है. आप महसूस करेंगे कि आपकी रचनात्मकता कहीं खो गयी है और फ़ैसले करने में आपको ख़ासी दिक़्क़त का सामना करना पड़ेगा. नए विचारों और आइडिया को जाँचने का बेहतरीन वक़्त.

वृष राशि:- ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

वृष राशि:- बैंक से जुड़े लेन-देन में काफ़ी सावधानी बरतने की ज़रूरत है. कामकाज के दौरान तनाव आपकी मानसिक शान्ति भंग कर सकता है. आज के दिन आपकी योजनाओं में आख़िरी पल में बदलाव हो सकते हैं.

मिथुन राशि:- का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा

मिथुन राशि:- अगर आपने ज़्यादा खुले दिल से पैसे ख़र्च किए तो आप आर्थिक तौर पर बाद में समस्या का सामना कर सकते हैं.  रिश्तेदारों के साथ बिताया गया वक़्त आपके लिए फ़ायदेमंद रहेगा. रोमांस को झटका लगेगा और आपके क़ीमती तोहफ़े भी मिलेंगे.

कर्क राशि:- ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

कर्क राशि:- आर्थिक तंगी से बचने के लिए अपने तयशुदा बजट से दूर न जाएँ. आपका प्रतिस्पर्धी स्वभाव आपको दूसरों से आगे रखने में मदद करेगा. ऐसे लोगों से जुड़ने से बचें जो आपकी प्रतिष्ठा को आघात पहुँचा सकते हैं.

सिंह राशि:- मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

सिंह राशि:- निवेश करने और अनुमान के आधार पर पैसे लगाने के लिहाज़ से अच्छा दिन नहीं है. परिवार और बच्चों के साथ बिताया समय आपको फिर ऊर्जा से लबरेज़ कर देगा. क्योंकि आप किसी ख़ास के साथ की कमी महसूस कर रहे हैं. कार्यक्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए अपनी महीनत से कार्य सिद्ध होगा.

कन्या राशि:- टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

कन्या राशि:- काम का दबाव और घरेलू मतभेद तनाव की वजह बन सकते हैं. अगर आप अपनी रचनात्मक प्रतिभा को सही तरीक़े से इस्तेमाल करें तो वह काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होगी. घरेलू काम थका देने वाला होगा और इसलिए मानसिक तनाव की वजह भी बन सकता है. अपने काम में तेज़ी लाने के लिए आप तकनीक से जुड़ी चीज़ों में निवेश कर सकते हैं. आपमें से कुछ लोगों को लंबा सफ़र करना पड़ सकता है.

तुला राशि:- रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

तुला राशि:- विश्वास कीजिए कि ख़ुद पर यक़ीन ही बहादुरी की असली परख है. मनोरंजन और सौन्दर्य में इज़ाफ़े पर ज़रुरत से ज़्यादा वक़्त न ख़र्च करें. ग़लत बातों को ग़लत वक़्त पर कहने से बचें. जिन्हें आप चाहते हैं, उनका दिल दुखाने से बचें. एक-तरफ़ा इश्क़ के चक्कर में अपना वक़्त बर्बाद न करें.

वृश्चिक राशि:- तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

वृश्चिक राशि:- आप जल्द ही लम्बे समय से चली आ रही बीमारी से उबरकर पूरी तरह सेहतमंद हो सकते हैं. लेकिन ऐसे ख़ुदगर्ज़ और ग़ुस्सैल इंसान से बचें, जो आपको तनाव दे सकता है. और आपकी परेशानियों में इज़ाफ़ा कर सकता है. आर्थिक तौर पर सुधार तय है. कुछ भी चालाकी भरे काम को करने से बचें. मानसिक शांति के लिए इस तरह के कामों में से दूर रहें.

धनु राशि:- ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे

धनु राशि:- ज़रूरत से ज़्यादा वक़्त व पैसा मनोरंजन पर ख़र्च न करें. जिसपर आप यक़ीन करते हैं, मुमकिन है वह आपको पूरा सच न बता रहा हो. संभव है कि आपके वरिष्ठ आपकी बातों को ठीक से न समझ सकें. लेकिन धैर्य बनाए रखें, जल्दी ही वे आपकी बातों को समझ सकेंगे. लम्बे वक़्त से लटकी हुई दिक़्क़तों को जल्द ही हल करने की ज़रूरत है. और आप जानते हैं कि आपको कहीं-न-कहीं से शुरुआत करनी होगी- इसलिए सकारात्मक सोचें और आज से ही प्रयास शुरू करें.

मकर राशि:- भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी

मकर राशि:- निश्चित तौर पर वित्तीय स्थिति में सुधार आएगा- लेकिन साथ ही ख़र्चों में भी इज़ाफ़ा होगी. अपने क़रीबी लोगों के सामने ऐसी बातें उठाने से बचें, जो उन्हें उदास कर सकती हैं. आपके प्रिय का मूड आज कुछ उखड़ा-उखड़ा हो सकता है. इसलिए अपने तेज़-तर्रार रवैये पर थोड़ी लगाम लगाएँ, नहीं तो अच्छी-ख़ासी दोस्ती में दरार पड़ सकती है.

कुम्भ राशि:- गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

कुम्भ राशि:- रचनात्मक काम आपको सुक़ून देगा. भागीदारी वाले व्यवसायों और चालाकी भरी आर्थिक योजनाओं में निवेश न करें. दोस्त और पारिवारिक मित्र आपका उत्साह बढ़ाएंगे. कामकाज में व्यस्तता के चलते रोमांस को दरकिनार होना पड़ेगा. आपका जीवनसाथी सहयोगी और मददगार रहेगा. दिक़्क़तों का तेज़ी से मुक़ाबला करने की आपकी क्षमता आपको ख़ास पहचान दिलाएगी. आपका जीवनसाथी आपसे परिवार और उनके बीच किसी एक को चुनने को कह सकता है.

मीन राशि:- दी, दू, थ,झ, ञ,दे, दो, चा, ची

मीन राशि:- मानसिक शान्ति के लिए किसी दान-पुण्य के काम में सहभागिता करें. आपके मन में जल्दी पैसे कमाने की तीव्र इच्छा पैदा होगी. जिन लोगों से आपकी मुलाक़ात कभी-कभी ही होती है, उनसे बातचीत और संपर्क करने के लिए अच्छा दिन है. अपना रवैया ईमानदार और स्पष्टवादी रखें. लोग आपकी दृढ़ता और क्षमताओं को सराहेंगे.
 * आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ)  वाट्सएप नम्बर 7879372913
* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

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