नई दिल्ली. राज्यसभा में आज वक्फ संशोधन विधेयक संबंधी संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट पेश की गई. इसके बाद विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया. कांग्रेस के स्थगन प्रस्ताव व वक्फ संशोधन विधेयर पर जेपीसी की रिपोर्ट के बीच संसद के बजट सत्र की पहली बैठक आज समाप्त हो जाएगी. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि मैंने विपक्ष द्वारा उठाई गई चिंताओं की जांच की है. रिपोर्ट में कोई विलोपन या निष्कासन नहीं है.
केंद्रीय मंत्री श्री रिजजू ने कहा कि विपक्ष के सदस्य अनावश्यक मुद्दा बना रहे हैं, जो तथ्य नहीं है, आरोप झूठा है. जेपीसी ने पूरी कार्यवाही नियमानुसार की. जेपीसी के सभी विपक्षी सदस्यों ने पिछले 6 महीनों में सभी कार्यवाही में भाग लिया. सभी असहमति नोट रिपोर्ट के परिशिष्ट में संलग्न हैं. वे सदन को गुमराह नहीं कर सकते. वक्फ संशोधन विधेयक पर जेपीसी की रिपोर्ट पर चर्चा के बीच विपक्ष ने राज्यसभा से वॉकआउट किया. विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा कि वक्फ बोर्ड पर जेपीसी की रिपोर्ट में कई सदस्यों की असहमति रिपोर्ट है. उन नोटों को हटाना व हमारे विचारों को कुचलना सही नहीं है. यह लोकतंत्र विरोधी है.
उन्होंने कहा कि मैं असहमति रिपोर्ट को हटाकर पेश की गई किसी भी रिपोर्ट की निंदा करता हूं. हम ऐसी फर्जी रिपोर्टों को कभी स्वीकार नहीं करेंगे. यदि रिपोर्ट में असहमति के विचार नहीं हैं, तो इसे वापस भेजा जाना चाहिए व फिर से प्रस्तुत किया जाना चाहिए. सुबह सदन की कार्यवाही आरंभ होने के कुछ ही देर बाद भारतीय जनता पार्टी की मेधा विश्राम कुलकर्णी ने समिति की रिपोर्ट सदन में पेश की. रिपोर्ट पेश होते ही कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी व वामपंथी दल सहित कुछ अन्य दलों के सदस्यों ने हंगामा शुरु कर दिया. हंगामा कर रहे सदस्य आसन के निकट आ गए और नारेबाजी करने लगे. हंगामे के बीच ही सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि वह राष्ट्रपति का एक संदेश सदन में पेश करना चाहते हैं. उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपने स्थानों पर लौट जाने और सदन में व्यवस्था बनाने की अपील की.
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