एनएफएसयू गांधीनगर के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति आएंगी!

एनएफएसयू गांधीनगर के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति आएंगी!

प्रेषित समय :20:30:39 PM / Thu, Feb 27th, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

अहमदाबाद. फॉरेंसिक साइंस यानी ज्ञान-विज्ञान का नवाचार और अनुसंधान का प्रभावी माध्यम. वैश्विक सर पर फॉरेंसिक साइंस में प्रतिष्ठित एनएफएसयू गांधीनगर में शुक्रवार को होने जा रहे तीसरे दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को आशीर्वचन देने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आएंगी. कार्यक्रम में देश के विद्वानों का मार्गदर्शन भी विद्यार्थियों को मिलेगा.  

वैज्ञानिक तरक्की और तकनीकी विकास के दौर में आमजन को कई तरह की सुविधा उपलब्ध हुई है, तो उपलब्ध सुविधाओं के साथ तकनीकी विकास के दुरुपयोग और अपराध से जुड़े मामलों में नवीन तकनीकी के इस्तेमाल की समस्या सामने आई है, जिसमें साइबर क्राइम जैसे मामले प्रमुख है. 

आपराधिक कार्यों और व्यवस्थाओं के लिए नए तौर तरीके इस्तेमाल होने के साथ ही, अपराधों की जांच और सत्य का पता करने के लिए भी नवीन तकनीकी का विकास हुआ है और सुविधा बढ़ी है, इसके अंतर्गत प्रमुख है फॉरेंसिक साइंस.

फॉरेंसिक साइंस का सामान्य अर्थ लगाया जा सकता है- न्यायालयिक विज्ञान यानी की न्याय से संबंधित विभिन्न कार्यों में किए जाने वाले अनुसंधान में सहयोगी महत्वपूर्ण व्यवस्था. इसके कार्य क्षेत्र और व्यवस्था की बात करें तो अपराध के मामले में की जाने वाली जांच और अनुसंधान में उपलब्ध तथ्यों और सामग्री का विश्लेषण और अध्ययन करने के बाद सत्य व सटीक निष्कर्ष निकालने की एक प्रभावी प्रकिया.

न्याय और कानून के उद्देश्यों के इस्तेमाल किए जाने वाले इस विषय के अंतर्गत अपराधों तथा न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष की जांच की जाती है तथा विभिन्न तरह के विवादों  व समस्याओं का समाधान किया जाता है. विभिन्न अपराधी से सम्बन्धित भौतिक साक्ष की जांच और मूल्यांकन के तहत इसमें फिंगरप्रिंट से लेकर डीएनए की जांच आदि प्रक्रियाएं भी शामिल होती है. इसके अंतर्गत अपराधों से जुड़े नमूने का विश्लेषण तथा अपराधों की प्रकृति के अनुरूप अग्रिम जांच और अनुसंधान करके सही निष्कर्ष निकालने की प्रक्रिया पूर्ण की जाती है.

वर्तमान में विभिन्न तरह के अपराधों की जांच के दौरान जो घटनाएं सामने आती है उनका बारीकी से अध्ययन कर सीन को रीक्रिएट करने और इसके विभिन्न पहलुओं की जांच के बाद एक नतीजे पर पहुंचने की पूर्ण प्रक्रिया अपनाई जाती है व सही नतीजे पर पहुंचा जाता है.  

असीमित संभावनाओं से जुड़े इस विषय का अंतर्गत जो कार्य किए जाते हैं वह आज की युवा पीढ़ी के रुचि का भी क्षेत्र है और नवीनतम अपराधों में जिस तरह की तकनीकी का उपयोग किया जाता है उसको देखते हुए आवश्यक भी है. 

रोजगार की बात करें तो फॉरेंसिक साइंस का अध्ययन करने के बाद केंद्र एवं राज्य स्तर पर कई विभागों में विभिन्न पदों की नियुक्तियां उपलब्ध होती है, साथ ही निजी क्षेत्र में भी रोजगार की काफी उपलब्धता है.

फॉरेंसिक साइंस के अध्यापन में अग्रणी और देश विदेश में प्रतिष्ठित और प्रख्यात राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफ़एसयू) गांधीनगर का तीसरा दीक्षांत समारोह आगामी 28 फरवरी 2025 को गांधीनगर में होने जा रहा है जिसमें देश की राष्ट्रपति सम्माननीय श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि है. इस वृहद और प्रतिष्ठित शैक्षिक समारोह में  गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल, गृहमंत्री गुजरात हर्ष संघवी अतिथि होंगे. 

एनएफ़एसयू गांधीनगर के वाइस चांसलर डॉ. जेएम व्यास ने नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में सम्माननीय राष्ट्रपति जी से भेंटकर कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र दिया.  कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल सहित 1562 विद्यार्थियों को डिग्री तथा 13 विद्यार्थियों को पीएचडी व एलएलडी की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा. 
कार्यक्रम में ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, ताइवान, पोलैंड सहित विभिन्न देशों की प्रतिष्ठित हस्तियां एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे, साथ ही सरकारी निगम एवं बोर्ड के प्रतिनिधियों सहित विद्यार्थियों के अभिभावक और विद्यार्थी शामिल होंगे. 

यह जानकारी कैंपस निदेशक प्रोफेसर डॉ. एसओ जुनारे ने दी. कार्यपालक कुलसचिव सीडी जाडेजा ने बताया कि आयोजन को लेकर विश्वविद्यालय स्तर पर आवश्यक तैयारियां की जा रही है.

ध्यान रहे, देश में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी गांधीनगर गुजरात में स्थित है, जो विश्व स्तर का प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थान है. संस्थान में फॉरेंसिक साइंस से जुड़े विभिन्न विषयों के निष्णात विद्वानों का मार्गदर्शन उपलब्ध है, साथ ही नवाचारों और संसाधनों के माध्यम से अध्ययनरत विद्यार्थियों को बेहतरीन मार्गदर्शन देने का कार्य किया जाता है. 

वैश्विक प्रतिष्ठा प्राप्त संस्थान एनएफएसयू में देश और विदेश के विद्यार्थी अध्यनरत है. यहां पर एक निश्चित संख्या में प्रवेश होते हैं, जिसके लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन होता है. एनएफएसयू संस्थान से संबंधित संस्थाएं देश भर में फॉरेंसिक साइंस विषय का संचालन कर रही है और युवाओं को इस विषय में विशेषज्ञ बनाने का कार्य किया जा रहा है.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-