MP: सीएम राइज स्कूल का नाम बदलाकर सांदीपनी विद्यालय किया, CM बोले यह नाम अंग्रेजों के जमाने का लगता, अब ऋषि के नाम किया

MP: सीएम राइज स्कूल का नाम बदलाकर सांदीपनी विद्यालय किया

प्रेषित समय :16:32:21 PM / Tue, Apr 1st, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

पलपल संवाददाता, भोपाल. एमपी में सीएम राइज स्कूल अब महर्षि सांदीपनी विद्यालय कहलाएंगे. CM राइज की शुरुआत जुलाई 2023 में तत्कालीन CM शिवराज सिंह चौहान ने की थी. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि CM राइज स्कूल का नाम ऐसा लगता है जैसे अंग्रेजों के जमाने का हो. इसे बदलकर सांदीपनि ऋषि के नाम पर किया गया है. उक्ताशय के विचार आज भोपाल में राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में व्यक्त किए. CM ने इस मौके पर स्कूल चलें हम अभियान 2025 का आगाज भी किया.

CM श्री यादव ने आगे कहा कि शिक्षा किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए. सरकारी स्कूलों की शिक्षा भी किसी से कमतर नहीं है. सरकारी स्कूलों में पढ़कर कई महान व्यक्तियों ने विश्वभर में भारत का नाम रोशन किया है. उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और कड़ी मेहनत के माध्यम से सफलता प्राप्त करने की प्रेरणा दी है. CM राइज स्कूल का नाम बदलकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पूर्व CM शिवराज सिंह चौहान का एक और फैसला बदल किया है.

इससे पहले वे मध्यप्रदेश गान बंद करने, BRTS कॉरिडोर हटाने व राजधानी परियोजना प्रशासन (सीपीए) को बहाल करने का फैसला कर चुके हैं. तत्कालीन CM शिवराज सिंह चौहान ने जुलाई 2023 में शाजापुर जिले के गुलाना में मध्यप्रदेश के पहले CM राइज स्कूल का शुभारंभ किया था. उन्होंने योजना के तहत राज्यभर में 9000 ऐसे स्कूल खोलने की घोषणा की थी. फिलहाल प्रदेश में 275 जबकि भोपाल में 6 CM राइज स्कूल हैं. इनमें करीब ढाई लाख स्टूडेंट्स हैं.

छात्राओं को जुलाई से मिलेगी साइकिल-

स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि जुलाई में बेटियों को साइकिल उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि वे आसानी से शिक्षा प्राप्त कर सकें. उन्होंने शिक्षा विभाग व शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि इस शैक्षणिक सत्र में 1 अप्रैल से ही विद्यार्थी अपनी नई कक्षा में प्रवेश कर रहे हैं, जो एक ऐतिहासिक पहल है. उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं. उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है. इस साल जब स्टूडेंट अपने स्कूलों में प्रवेश कर रहे हैं तो शासन द्वारा दी गई किताबें उनके बैग में पहले से हैं. यह पहली बार हुआ है कि हर जिले में शैक्षणिक सामग्री समय पर बांट दी गई है.

एजुकेशन पोर्टल पर दर्ज होगा स्टूडेंट्स का डेटा

इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव प्रवेशी विद्यार्थियों और राष्ट्रीय स्तर के खेलों के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान किया. स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षा पोर्टल 3.0 का उद्घाटन भी किया. इस पोर्टल पर सरकारी गैर सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले स्टूडेंट्स का डेटा स्टूडेंट डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम प्रणाली से किया जा रहा है.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-