सुप्रीम कोर्ट: हर परियोजना का विरोध होगा, तो देश कैसे तरक्की करेगा?

सुप्रीम कोर्ट: हर परियोजना का विरोध होगा, तो देश कैसे तरक्की करेगा?

प्रेषित समय :19:48:50 PM / Wed, Apr 2nd, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

अभिमनोज
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि- हर परियोजना का विरोध होगा, तो देश कैसे तरक्की करेगा.
खबरों की मानें तो.... सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के जयकवाड़ी बांध में एक नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना का विरोध करने के लिए एक एनजीओ फटकार लगाते हुए कहा कि- यदि हर परियोजना का विरोध किया जाएगा, तो देश कैसे तरक्की करेगा.
उल्लेखनीय है कि.... जयकवाड़ी बांध क्षेत्र को आरक्षित पक्षी अभयारण्य, पारिस्थितिकी-संवेदनशील क्षेत्र के रूप में नामित किया गया है. इसी आधार पर उक्त एनजीओ ने टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड को बांध पर ’तैरता हुआ सौर ऊर्जा संयंत्र’ स्थापित करने की योजना को रद्द करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था, जिसके लिए यह दलील दी गई थी कि- ’तैरता हुआ सौर ऊर्जा संयंत्र’ बांध के पानी में मौजूद जलीय जीवों के लिए नुकसानदायक होगा, लिहाजा इस क्षेत्र में जैव विविधता को स्थायी नुकसान हो सकता है.
खबरें हैं कि.... अदालत ने एनजीओ की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें राष्ट्रीय हरित अधिकरण के 9 सितंबर 2024 के आदेश को चुनौती दी गई थी.
अदालत का कहना है कि- आप एक भी परियोजना को काम करने नहीं दे रहे हैं, यदि हर परियोजना का विरोध किया जाएगा, तो देश कैसे तरक्की करेगा?
खबरों पर भरोसा करें तो.... अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि- ऐसा लगता है कि टेंडर हासिल करने में नाकाम रहने वाली कंपनी ने एनजीओ को वित्त पोषित किया है, जो अब वह ’तुच्छ मुकदमेबाजी’ में लिप्त होकर परियोजना को बाधित करने की कोशिश कर रही है.
अदालत ने यह भी कहा कि- एनजीटी ने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से जवाब मांगकर सही किया, जिसने स्थिति स्पष्ट की और केंद्र की 12 जुलाई 2017 की अधिसूचना पेश की, जिसमें कहा गया है कि नवीकरणीय ऊर्जा एवं ईंधन का उत्पादन उन गतिविधियों में शामिल है, जिन्हें बढ़ावा दिया जा रहा है.
याद रहे.... एनजीटी की पश्चिमी जोन पीठ ने पिछले वर्ष दिसंबर में एनजीओ की याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि- याचिकाकर्ता किसी भी ऐसे कानून का उदाहरण पेश करने में नाकाम रहा, जो पारिस्थितिकी के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाता है!

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-