शहर में 50 हजार आवारा कुत्ते, निगम की सीमित कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

शहर में 50 हजार आवारा कुत्ते, निगम की सीमित कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

प्रेषित समय :18:50:29 PM / Fri, Sep 12th, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. पाटन में छह वर्षीय मासूम पर आवारा कुत्तों के हमले की घटना ने शहरवासियों की चिंता बढ़ा दी है. इस मामले के बाद एक बार फिर से नगर निगम की कार्यप्रणाली और आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर सवाल उठने लगे हैं. वर्तमान में शहर में लगभग 50 हजार आवारा कुत्ते मौजूद हैं. चिंताजनक बात यह है कि हर आठ महीने में इनकी संख्या और बढ़ जाती है, जबकि निगम सिर्फ लगभग 10 प्रतिशत कुत्तों का ही बधियाकरण कर पा रहा है.

नगर निगम के कठौंदा स्थित डॉग हाउस में फिलहाल प्रतिदिन औसतन 15 कुत्तों की नसबंदी की ही क्षमता है. यही कारण है कि तेज़ी से बढ़ रही आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है. शहर के बाजार, चौराहे, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और मुख्य मार्गों पर इन कुत्तों का झुंड अक्सर देखने को मिलता है, जिससे आम नागरिकों में दहशत का माहौल है.

निगम ने डॉग हाउस की क्षमता बढ़ाने के प्रयास शुरू किए हैं. जानकारी के अनुसार, यहां बधियाकरण पिंजरों की संख्या 56 से बढ़ाकर 100 की जा रही है. इस काम को पूरा होने में करीब डेढ़ माह का समय लगने का अनुमान है. इसके बाद भी यहां प्रतिदिन केवल 50 से 60 कुत्तों का ही बधियाकरण संभव हो सकेगा, जो मौजूदा संख्या की तुलना में बेहद कम है.

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर आवारा कुत्तों की बेतहाशा बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाना है, तो नगर निगम को अपनी मौजूदा रणनीति में बदलाव करना होगा. साथ ही, बधियाकरण की गति को कई गुना बढ़ाना होगा. फिलहाल, आम लोगों में यह बहस तेज़ हो गई है कि निगम की लापरवाही कहीं और बड़ी घटनाओं को जन्म न दे दे.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-