महापौर अन्नू ने पूरे किए बच्चों के सपने नगर निगम स्कूलों के मेधावी छात्र-छात्राओं ने की पहली हवाई यात्रा

महापौर अन्नू ने पूरे किए बच्चों के सपने नगर निगम स्कूलों के मेधावी छात्र-छात्राओं ने की पहली हवाई यात्रा

प्रेषित समय :20:49:16 PM / Wed, Nov 12th, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. नगर निगम के स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए बुधवार का दिन किसी सपने के सच होने जैसा रहा. नगर निगम स्कूलों में अध्ययनरत 15 मेधावी छात्र-छात्राओं ने पहली बार हवाई यात्रा की, और वह भी अपने महापौर जगत बहादुर सिंह ‘‘अन्नू’’ के वादे के चलते. तीन वर्ष पूर्व महापौर ने नगर निगम के स्कूलों के बच्चों से कहा था कि जो विद्यार्थी 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाएगा, उसे हवाई यात्रा कराई जाएगी. यह घोषणा उस समय बच्चों के लिए एक प्रेरणा बन गई थी और आज वही सपना साकार हुआ.

महापौर गुरूकुल की निःशुल्क कोचिंग से पढ़े इन बच्चों ने न केवल अपनी मेहनत और लगन से उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए, बल्कि यह साबित कर दिया कि अवसर मिलने पर नगर निगम स्कूलों के विद्यार्थी भी किसी से पीछे नहीं हैं. बुधवार सुबह जब ये सभी बच्चे डुमना एयरपोर्ट पहुंचे, तो उनके चेहरों पर उत्साह और गर्व साफ झलक रहा था. बच्चों का कहना था कि यह क्षण उनके जीवन का अविस्मरणीय पल है, जिसे वे हमेशा याद रखेंगे.

महापौर जगत बहादुर सिंह ‘‘अन्नू’’ स्वयं हवाई अड्डे पर उपस्थित रहे. उन्होंने बच्चों को आशीर्वाद दिया और कहा कि यह केवल यात्रा नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की उड़ान है. उन्होंने कहा कि ‘‘इन बच्चों ने यह साबित किया है कि मेहनत और समर्पण से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है. नगर निगम के स्कूलों के बच्चे किसी निजी स्कूल के छात्रों से कम नहीं हैं.’’

इस अवसर पर सांसद आशीष दुबे, विधायक संतोष बरकड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा गोटिया, निगमाध्यक्ष रिकुंज विज, नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, ग्रामीण अध्यक्ष राजकुमार पटैल, एम.आई.सी. सदस्य डॉ. सुभाष तिवारी, दामोदर सोनी, विवेकराम सोनकर, श्रीमती रजनी कैलाश साहू, श्रीमती अंशुल राघवेन्द्र यादव, पार्षद श्रीमती माधुरी सोनकर, अतुल जैन दानी, श्रीमती वर्षा मनोज सेन, श्रीमती मधुबाला सिंह, श्रीमती अंजना मनीष अग्रहरि, श्रीमती मोनिका पुष्पेन्द्र सिंह और अभिनाश चमकेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे. वहीं, कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय और निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने भी बच्चों को शुभकामनाएँ दीं और उन्हें इंदौर यात्रा के लिए रवाना किया.

इंदौर जाने वाले इन 15 मेधावी बच्चों में नगर निगम कन्या शाला गोविंदगंज, नेताजी सुभाषचंद्र बोस उ.मा.शाला तिलवाराघाट, लक्ष्मीनारायण यादव उच्चतर माध्यमिक शाला रांझी, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद उच्चतर माध्यमिक शाला गौरीघाट और कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला घमापुर के विद्यार्थी शामिल थे. इनमें अमित कोरी, रोशन कुशवाहा, लक्ष्मी प्रधान, आयुषि महोबिया, तहजीब बानो, सानिया बानो, उमा चौधरी, इल्मा बानो, जानकी कोष्टा, कार्तिक लोधी, सोनिया चौधरी, दिव्या धुर्वे, सची गौतम, माही बर्मन और आर्यन तिवारी शामिल हैं.

महापौर गुरूकुल की सफलता में शिक्षकों की भूमिका भी उल्लेखनीय रही. शालाओं के प्राचार्य डॉ. शैलेन्द्र पाण्डेय, श्रीमती दीप्ति शर्मा, श्रीमती कीर्ति परोहा, श्रीमती रागिनी गर्ग, श्रीमती संगीता दीक्षित, डॉ. राकेश जैन, महापौर गुरूकुल के संयोजक जयदीप मिश्रा और समन्वयक अभिषेक पाठक ने बच्चों के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान दिया.

महापौर ‘‘अन्नू’’ के इस प्रयास की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी, जब उन्होंने पद संभालते ही नगर निगम के पाँच स्कूलों की स्थिति का अवलोकन किया. उन्होंने देखा कि यहाँ अध्ययनरत करीब 1800 छात्र-छात्राओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों और सही मार्गदर्शन का अभाव है. उन्होंने मैकलसुता इंस्टीट्यूट के सहयोग से ‘‘महापौर गुरूकुल’’ की शुरुआत की, जहाँ छात्रों को निःशुल्क कोचिंग, संगीत, नृत्य, खेलकूद और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराई जाने लगी.

महापौर गुरूकुल में प्रतिदिन निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था है, जिससे नगर निगम के पाँचों स्कूलों के बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं. कोचिंग के साथ बच्चों को जीवन कौशल, नैतिक शिक्षा, और आत्मविश्वास बढ़ाने वाले कार्यक्रमों से जोड़ा गया है. परिणामस्वरूप इन स्कूलों के परीक्षा परिणामों में पिछले तीन वर्षों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है.

महापौर गुरूकुल में केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार और नागरिकता की भावना पर भी ध्यान दिया जाता है. हर वर्ष शिक्षकों का सम्मान, देशभक्ति से जुड़ी फिल्में, वार्षिकोत्सव और परीक्षा पूर्व मंथन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. ग्रीष्मकालीन शिविरों में बच्चों को तैराकी, शूटिंग, क्रिकेट, फुटबॉल जैसे खेलों के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भी प्रशिक्षित किया जाता है.

नगर निगम के सभी पाँच स्कूलों में स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब की सुविधा उपलब्ध है. इन स्कूलों को आपस में जोड़ा गया है ताकि किसी एक स्कूल के शिक्षक द्वारा सभी स्कूलों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाया जा सके. इस पहल से शिक्षा का स्तर बढ़ा है और छात्रों में आधुनिक तकनीक की समझ भी विकसित हुई है.

महापौर ‘‘अन्नू’’ ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल बच्चों को हवाई यात्रा कराना नहीं है, बल्कि यह दिखाना है कि यदि सरकार और समाज मिलकर प्रयास करें तो सरकारी स्कूलों के बच्चे भी नई ऊँचाइयाँ छू सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह यात्रा इन बच्चों के आत्मविश्वास को नई उड़ान देगी और उन्हें बड़े सपने देखने की प्रेरणा मिलेगी.

इंदौर पहुंचने के बाद बच्चों को फाइव स्टार होटल में ठहराया जाएगा और उन्हें शहर के ऐतिहासिक, साहित्यिक, अध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा. बच्चे वहाँ से नए अनुभवों के साथ लौटेंगे जो उनके व्यक्तित्व और दृष्टिकोण को समृद्ध करेंगे.

महापौर गुरूकुल की इस सफलता ने नगर निगम शिक्षा व्यवस्था की छवि को भी मजबूत किया है. तीन वर्षों में यह मॉडल शहर के अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणा बन गया है. अब अन्य नगर निगम भी इस पहल को अपनाने की दिशा में विचार कर रहे हैं.

जबलपुर के लिए यह क्षण गर्व का है — जब नगर निगम के विद्यालयों के बच्चे अपने परिश्रम और नेतृत्व के सहयोग से हवाई यात्रा जैसी उपलब्धि तक पहुँचे हैं. यह न केवल शिक्षा के स्तर को उठाने की कहानी है, बल्कि यह विश्वास दिलाने वाली पहल है कि सही दिशा, सच्ची नीयत और निरंतर प्रयास से किसी भी सपने को साकार किया जा सकता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-