जबलपुर. मां नर्मदा के तट पर बसे संस्कारधानी जबलपुर में ठंड ने अब अपने असली तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं और 19 नवंबर की शाम होते-होते पूरा शहर बर्फीली हवाओं की चपेट में आ गया है. नवम्बर के तीसरे सप्ताह में ही जबलपुर का न्यूनतम तापमान 9-10 डिग्री सेल्सियस के आसपास टिके रहना इस बात का संकेत है कि ठंड इस बार सामान्य से पहले और अधिक तीखी हो सकती है. मौसम विभाग ने बुधवार शाम 8 बजे तक की स्थिति और आगामी घंटों के पूर्वानुमान को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है.
बुधवार शाम 8 बजे जबलपुर में आसमान साफ रहा और तापमान लगभग 20 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि साफ आसमान और धीमी हवा का प्रवाह रात के दौरान गर्मी के तेजी से बाहर निकलने का कारण बनता है, जिससे तापमान में अचानक और तेज गिरावट देखने को मिलती है. यही वजह है कि रात के बढ़ते हुए घंटों में पारा लगातार नीचे जाता है और सुबह तक शहर शीतलहर की गिरफ्त में आ जाता है.
बुधवार को मौसम विभाग ने बताया कि रात 9 बजे तापमान लगभग 18 डिग्री, 10 बजे 17 डिग्री, 11 बजे 15 डिग्री तक गिरने के आसार हैं. आधी रात के बाद स्थिति और भी सर्द हो सकती है और तापमान 12-13 डिग्री सेल्सियस की ओर सरक सकता है. रात 3 बजे से लेकर सुबह 6-7 बजे तक पारा सबसे नीचे रहने की संभावना है. इस दौरान तापमान 12 डिग्री के आसपास बना रह सकता है और सूर्योदय के समय यह 10 डिग्री तक महसूस किया जा सकता है. धूप निकलने के बाद हल्की राहत जरूर मिलेगी परंतु सर्द हवा दिन भर ठंडक बनाए रखेगी.
बुधवार शाम जारी अपडेट में मौसम विभाग ने कहा कि अगले 24-48 घंटों में तापमान और नीचे जा सकता है. अगर उत्तरी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाएँ इसी गति से बनी रहीं, तो न्यूनतम तापमान 8-9 डिग्री तक भी पहुंच सकता है. अभी फिलहाल बारिश या बादलों की कोई संभावना नहीं है, इसलिए ठंड अपनी पूरी तीव्रता के साथ जारी रह सकती है. विभाग ने यह भी संकेत दिया कि अगले दो से तीन दिनों तक मौसम का रुख शुष्क रहेगा और रात के समय कड़ाके की ठंड में और बढ़ोतरी हो सकती है.
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार नवंबर के मध्य में इस तरह की गिरावट सामान्य से कुछ अधिक है. सर्दी का यह शुरुआती तेवर इस बात का संकेत है कि दिसंबर के पहले सप्ताह में शहर ठंड की और तीव्र स्थिति का सामना कर सकता है. हवा की गति में कमी और साफ आसमान की मौजूदगी ने ‘रेडिएशन कूलिंग’ को और मजबूत किया है, जिसके कारण तापमान तेजी से नीचे जा रहा है. विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि हवाओं की दिशा उत्तरी-पश्चिमी बनी रही तो शीतलहर का प्रभाव व्यापक होगा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में ठंड और तेज महसूस होगी.
उत्तर भारत के पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का सीधा असर अब मध्य प्रदेश के महाकौशल अंचल पर दिखाई देने लगा है, जहां बर्फीली हवाओं ने डेरा डाल दिया है. मौसम विभाग द्वारा आज शाम जारी किए गए ताजा बुलेटिन ने शहरवासियों की चिंता और बढ़ा दी है क्योंकि विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यह तो महज शुरुआत है और आने वाले 24 से 48 घंटों में ठंड का प्रकोप अपने चरम पर होगा.
मौसम विभाग के स्थानीय केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, हवा का रुख उत्तरी और उत्तर-पूर्वी बना हुआ है जो अपने साथ पहाड़ों की ठंडक लेकर आ रही है. आज रात का तापमान 9 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की संभावना जताई गई है जो कि सामान्य से कम है. लेकिन असली मुसीबत पारा नहीं, बल्कि वह बर्फीली हवा है जो कपड़ों के भीतर तक चुभ रही है. इस 'विंड चिल इफेक्ट' के कारण महसूस होने वाला तापमान (Real Feel) थर्मामीटर के तापमान से कहीं कम है, जिससे ठंड की तीव्रता कई गुना बढ़ गई है.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के उत्तर भारत से आगे बढ़ने के बाद अब हवाओं का रुख सीधा हो गया है जिससे हिमालय से आने वाली ठंडी हवाएं बिना किसी रुकावट के मध्य प्रदेश तक पहुंच रही हैं. आज शाम 8 बजे तक मिली अपडेट के मुताबिक, शहर के बाहरी इलाकों जैसे भेड़ाघाट, तिलवारा और खमरिया में शहर के मुख्य हिस्सों की तुलना में ठंड का असर और भी ज्यादा है. वहां खुले मैदान और हरियाली होने के कारण तापमान में और भी गिरावट दर्ज की जा रही है. मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले दो से तीन दिनों तक रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है और यह सिंगल डिजिट में 7 से 8 डिग्री तक भी लुढ़क सकता है. इसके साथ ही सुबह के समय घने कोहरे (Fog) की भी आशंका जताई गई है जिससे दृश्यता (Visibility) कम हो सकती है और यातायात प्रभावित हो सकता है.मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी ने बताया कि अभी हवा की गति 4 से 6 किलोमीटर प्रति घंटा है लेकिन रात गहराने के साथ ही इसमें और तेजी आ सकती है. आसमान साफ होने के कारण 'रेडिएशन कूलिंग' हो रही है, जिससे धरती की गर्मी तेजी से ऊपर जा रही है और सतह ठंडी होती जा रही है. यह स्थिति शीतलहर (Cold Wave) के लिए अनुकूल है. आज रात 8 बजे के बाद ओस (Dew) गिरने की भी संभावना है जो सुबह तक पाले (Frost) का रूप ले सकती है, जिससे फसलों को भी नुकसान पहुंचने का डर किसानों को सताने लगा है. ग्रामीण क्षेत्रों से भी कड़ाके की ठंड की खबरें आ रही हैं जहां लोग शाम होते ही अपने घरों में कैद हो गए हैं.
अब देखना यह होगा कि क्या कल सुबह सूरज की किरणें इस ठिठुरन से कुछ राहत दिला पाती हैं या कोहरे की चादर शहर को अपनी आगोश में ले लेगी, लेकिन फिलहाल तो जबलपुर शीतलहर की चपेट में है और रात लंबी व सर्द होने वाली है. मौसम के इस यू-टर्न ने सबको चौंका दिया है और हर कोई बस यही कह रहा है कि 'अभी तो ठंड शुरू हुई है, आगे-आगे देखिए होता है क्या.'
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

