इंदौर. आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने करोड़ों रुपए के बैंक लोन घोटाले का पर्दाफाश किया है. 'मेसर्स लाभांशी मल्टीट्रेड प्राइवेट लिमिटेड' के डायरेक्टरों और गारंटरों ने मिलकर बैंक को करीब 22 करोड़ 88 लाख रुपए का चूना लगाया है. EOW इंदौर ने इस मामले में जालसाजी और गबन की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है.
पूरा मामला ‘दि कॉसमॉस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड’ से जुड़ा है. जांच में पाया गया है कि साल 2019 में कंपनी के डायरेक्टरों ने मशीनरी खरीदने के नाम पर 2.50 करोड़ का टर्म लोन और 2.50 करोड़ की कैश क्रेडिट लिमिट हासिल की थी. इसके बाद आरोपियों ने 2020 और 2022 के बीच इस लिमिट को बढ़ाकर 21.50 करोड़ रुपए करवा लिया था.
इतना ही नहीं आरोपियों ने बैंक के पास गिरवी रखे गए अनाज (जैसे चना और सोयाबीन) को बिना अनुमति के खुर्द-बुर्द कर दिया. यानी जो स्टॉक बैंक के पास बंधक था, उसे धोखाधड़ी से गायब कर दिया गया. फिलहाल बैंक का कुल बकाया 22,88,37,875/- रुपए है.
इस मामले में EOW इंदौर ने मेसर्स लाभांशी मल्टीट्रेड प्रा.लि. के (डायरेक्टर/गारंटर) आयुष अग्रवाल, अनूप सिंघल (डायरेक्टर/गारंटर), अंकुश सिंघल (गारंटर), राजेन्द्र कुमार सिंघल (गारंटर) के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420 धोखाधड़ी और 120-बी आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज किया है. सभी आरोपी धार जिले के नौगांव थाना क्षेत्र के निवासी हैं.
इसी तरह EOW इंदौर ने एक और बैंक धोखाधड़ी के आरोप में केशव प्रोटीन्स एंव ऑर्गेनिक के संचालकों के खिलाफ केस दर्ज किया है. 'मेसर्स केशव प्रोटीन्स एण्ड ऑर्गेनिक एल.एल.पी का गठन पार्टनर नवनीत गर्ग और प्रवीण दादू ने HDFC बैंक स्नेहनगर से 8.72 करोड़ की धोखाधड़ी की है. फर्म ने 2021 में HDFC बैंक से 7.41 करोड़ रुपए का ऋण लिया था.
आरोपियों ने ऋण खाता लगभग 2 साल तक संचालित करने के बाद शेष राशि 6.81 करोड़ रुपए जमा नहीं की, जिससे बैंक ने खाता एन. पी.ए. घोषित किया. इसी प्रकार बैंक को 6.87 करोड़ रुपए की आर्थिक नुकसान हुआ है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

