राँची के टाटीसिलवे स्टेशन पर सेना के जवान ने की शर्मनाक करतूत, ट्रेन के खाली डिब्बे में महिला से दुष्कर्म और फिर भीड़ ने पकड़ा

राँची के टाटीसिलवे स्टेशन पर सेना के जवान ने की शर्मनाक करतूत, ट्रेन के खाली डिब्बे में महिला से दुष्कर्म और फिर भीड़ ने पकड़ा

प्रेषित समय :21:19:25 PM / Sat, Dec 20th, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

अनिल मिश्र/रांची 

झारखंड की राजधानी राँची के पास स्थित टाटीसिलवे रेलवे स्टेशन गुरुवार की शाम एक ऐसी वीभत्स घटना का गवाह बना जिसने खाकी और वर्दी की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। सेना के एक 22 वर्षीय जवान ने ड्यूटी के दौरान नशे में धुत होकर एक युवती को अपनी हवस का शिकार बनाया, जिसके बाद स्टेशन पर मौजूद आम नागरिकों के हस्तक्षेप से उसे दबोच लिया गया। शनिवार को यह खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिससे लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश और जिज्ञासा है कि आखिर देश की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाला रक्षक ही भक्षक कैसे बन गया। घटना उस समय की है जब पीड़ित महिला स्टेशन पर राँची जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रही थी और शाम के धुंधलके का फायदा उठाकर आरोपी ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। जैसे ही पीड़िता की चीखें स्टेशन परिसर में गूंजीं, वहां मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने कानून को हाथ में लेने के बजाय मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को भागने से पहले ही घेर लिया।

इस पूरे मामले ने राँची पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के सुरक्षा दावों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, आरोपी जवान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले का रहने वाला है और वर्तमान में पंजाब के पटियाला में 42 मीडियम रेजिमेंट में तैनात था। घटना के वक्त वह एक मिलिट्री स्पेशल ट्रेन (रक्षा रसद ले जा रही ट्रेन) की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात था, लेकिन फर्ज निभाने के बजाय वह नशे में चूर होकर स्टेशन पर घूम रहा था। जैसे ही उसने स्टेशन पर अकेली महिला को देखा, वह उसे जबरन ट्रेन के एक खाली डिब्बे में खींच ले गया और वहां उसके साथ कथित तौर पर बलात्कार किया। लोगों के बीच इस बात को लेकर गहरी उत्सुकता और गुस्सा है कि ड्यूटी पर तैनात जवान के पास शराब कहाँ से आई और जिस ट्रेन की सुरक्षा की जिम्मेदारी उस पर थी, उसी के डिब्बे को उसने अपराध का अड्डा कैसे बना लिया। भीड़ द्वारा पकड़े जाने के दौरान जवान ने भागने की कोशिश की, जिसमें उसे कुछ चोटें भी आईं, लेकिन जनता ने उसे तब तक नहीं छोड़ा जब तक पुलिस मौके पर नहीं पहुँच गई।

राँची पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। सोशल मीडिया पर लोग इस मामले में सेना के सख्त आंतरिक कानून के तहत भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई भी वर्दीधारी ऐसी हिम्मत न कर सके। स्टेशन पर मौजूद चश्मदीदों का कहना है कि अगर आम लोग समय पर सक्रिय न होते, तो आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर अपनी रेजिमेंट की ट्रेन के साथ फरार हो सकता था। इस घटना ने महिला सुरक्षा को लेकर चल रही बहसों को एक बार फिर तेज कर दिया है, विशेष रूप से रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर शाम के समय होने वाली सुरक्षा व्यवस्था को लेकर। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में स्पीडी ट्रायल के जरिए पीड़िता को जल्द न्याय मिल पाएगा और सेना अपने इस जवान पर क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई करती है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-