अनिल मिश्र/पटना
किलकारी बिहार बाल भवन, गयाजी में क्रिसमस डे का आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि बचपन की खुशियों, आपसी प्रेम और सांस्कृतिक सौहार्द का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया. आज 24 दिसंबर को आयोजित इस भव्य क्रिसमस डे सेलिब्रेशन में लगभग 400 बच्चों ने उत्साह और उमंग के साथ भाग लेकर पूरे परिसर को उत्सवमय बना दिया.
कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों के लिए आयोजित विविध खेल गतिविधियों से हुई. म्यूजिकल चेयर, पासिंग बॉल जैसे खेलों में बच्चों ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि टीम भावना, अनुशासन और आपसी सहयोग का भी परिचय दिया. खेलों के दौरान बच्चों की हंसी और तालियों से किलकारी परिसर गूंजता रहा.इस कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और चर्चित क्षण तब आया, जब रिक्शे पर सवार होकर सांता क्लॉज ने अनोखे अंदाज़ में कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश किया.
सांता की इस अनूठी एंट्री ने बच्चों को चौंका दिया और देखते ही देखते पूरा परिसर तालियों, मेरी क्रिसमस के शोर और खुशियों से भर उठा. बच्चों ने सांता के साथ हाथ मिलाकर उत्साहपूर्वक उनका स्वागत किया.इसके पश्चात बच्चों के बीच उपहार वितरण किया गया. उपहार पाकर बच्चों के चेहरे पर जो खुशी झलकी, वही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता रही. क्रिसमस के पारंपरिक गीत “जिंगल बेल, जिंगल बेल” पर बच्चों ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने कार्यक्रम में रंग भर दिया. छोटे–बड़े सभी बच्चे इस नृत्य में शामिल होकर क्रिसमस की खुशियों में डूबे नजर आए.समारोह के अंतिम चरण में बच्चों और संता द्वारा मिलकर केक काटा गया और सभी बच्चों के बीच केक का वितरण किया गया.
केक वितरण के साथ क्रिसमस डे सेलिब्रेशन का आनंददायक समापन हुआ.इस अवसर पर किलकारी बिहार बाल भवन, गया जी के सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि किलकारी केवल प्रशिक्षण का केंद्र नहीं है, बल्कि यह बच्चों को सुरक्षित और खुशहाल बचपन देने का मंच है. उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं.वहीं उपस्थित संसाधन सेवी ने कहा कि क्रिसमस जैसे पर्व बच्चों को प्रेम, खुशी और आपसी सम्मान का संदेश देते हैं. किलकारी का यह प्रयास बच्चों के भीतर सकारात्मक सोच और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करता है.
पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, सुरक्षा और बाल–अनुकूल वातावरण का विशेष ध्यान रखा गया. यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण रहा कि किलकारी बिहार बाल भवन, गया जी बच्चों के जीवन में खुशियों के रंग भरने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है.
क्रिसमस डे सेलिब्रेशन ने न केवल बच्चों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी, बल्कि यह संदेश भी दिया कि जब बचपन मुस्कुराता है, तब समाज का भविष्य भी उज्ज्वल होता है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

