नई दिल्ली. रेलवे मंत्रालय ने कुछ दिनों पूर्व देश के दो अलग-अलग हिस्सों में हुए रेल हादसों के बाद सख्त कदम उठाते हुए आसनसोल और मुरादाबाद मंडलों के प्रमुख अधिकारियों का तबादला किया है. आसनसोल की डीआरएम विनीता श्रीवास्तव को पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय जबलपुर स्थानांतरित किया गया है. यह निर्णय बिहार में मालगाड़ी के पटरी से उतरने और उत्तर प्रदेश में ट्रेन टक्कर टलने की घटनाओं को गंभीर मानते हुए जवाबदेही तय की गई.
बताया जाता है किहाल के दिनों में सामने आए दो गंभीर रेल घटनाक्रमों के बाद रेलवे प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. रेल मंत्रालय ने मालगाड़ी के पटरी से उतरने और यात्री व मालगाड़ी की टक्कर टलने की घटनाओं को गंभीर मानते हुए संबंधित मंडलों के शीर्ष अधिकारियों का तबादला कर दिया है. मंत्रालय का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
27 दिसंबर 2025 को बिहार के जमुई जिले में एक मालगाड़ी के आठ वैगन पटरी से उतर गए थे. यह इलाका ईस्टर्न रेलवे के आसनसोल मंडल के अंतर्गत आता है. इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन हावड़ा-पटना-दिल्ली रेल मार्ग पर यातायात बाधित रहा और रेलवे को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा. घटना के बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर मंडल स्तर पर जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू की गई.
डीआरएम का तबादला, नई जिम्मेदारी
रेलवे बोर्ड के आदेश के मुताबिक, आसनसोल मंडल की डीआरएम विनीता श्रीवास्तव का तबादला कर उन्हें पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर में भेजा गया है. सुश्री विनीता भारतीय रेलवे यांत्रिकी सेवा की वरिष्ठ अधिकारी हैं. उनकी जगह फिलहाल सुधीर कुमार शर्मा को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है, जब तक नियमित नियुक्ति नहीं हो जाती. रेलवे का मानना है कि इस तरह के प्रशासनिक फैसले से निगरानी मजबूत होगी और संचालन में सुधार आएगा.
मुरादाबाद मंडल में दो गाडिय़ां एक ही लाइन में आई
तीसरे घटनाक्रम में उत्तर प्रदेश के खुर्जा में 29 दिसंबर को एक मालगाड़ी और मेरठ सिटी-खुर्जा यात्री ट्रेन एक ही ट्रैक पर आ गई थीं. यह इलाका उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल में आता है. बताया गया कि स्टेशन मास्टर और सिग्नल मेंटेनर की लापरवाही से यात्री ट्रेन को हरी झंडी दे दी गई थी, जबकि ट्रैक पहले से मालगाड़ी से भरा था. समय रहते खतरा टल गया, लेकिन घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए.
जवाबदेही तय, बोर्ड सख्त
रेलवे बोर्ड ने मुरादाबाद मंडल के डीआरएम संग्राह मौर्य का भी तबादला कर उन्हें ईस्ट कोस्ट रेलवे भेज दिया है. सूत्रों के अनुसार, इस मामले में सिग्नल मेंटेनर को निलंबित किया गया, जबकि स्टेशन मास्टर की सेवा एक दिन बाद बहाल कर दी गई. रेलवे प्रशासन ने साफ किया है कि ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा, ताकि भविष्य में यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-



