जबलपुर. पनागर तहसील के अंतर्गत आने वाले सुमन नगर में एक गंभीर विवाद सामने आया है, जहाँ पैतृक संपत्ति के नाम पर आम रास्ते और जल निकासी की नाली को बंद किए जाने से सैकड़ों कॉलोनीवासी मुसीबत में फंस गए हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थानीय निवासी अमित उपाध्याय द्वारा कॉलोनी से लगी करीब 2 एकड़ भूमि को अपनी पैतृक संपत्ति बताते हुए वहां गेट लगाकर बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी गई है. इस निर्माण कार्य की वजह से न केवल लोगों के आने-जाने का मुख्य मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है, बल्कि सालों पुरानी जल निकासी की नाली भी बंद कर दी गई है. नाली का बहाव रुकने के कारण कॉलोनी के निस्तार का गंदा पानी अब नालियों से उल्टा बहकर लोगों के घरों के भीतर घुसने लगा है, जिससे क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और लोगों का घरों में रहना दूभर हो गया है.
विवाद ने उस समय और हिंसक रूप ले लिया जब रास्ता बंद होने का विरोध करने वाले कॉलोनीवासियों के घरों पर पथराव की घटनाएं सामने आईं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि अपनी जायज मांगों को लेकर गुहार लगाने पर उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है और रात के अंधेरे में उनके घरों को निशाना बनाया जा रहा है. मार्ग बंद हो जाने के कारण क्षेत्र के कामकाजी लोग अपने गंतव्य और कार्यालयों तक नहीं पहुँच पा रहे हैं, जिससे उनके रोजगार पर भी संकट मंडराने लगा है. बच्चों का स्कूल जाना और आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या अन्य वाहनों का कॉलोनी में प्रवेश करना अब नामुमकिन सा हो गया है. कॉलोनीवासियों ने इस पूरी घटना के वीडियो साक्ष्य साझा करते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.
पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्होंने तहसील कार्यालय और स्थानीय पुलिस को इस अतिक्रमण और दबंगई की सूचना दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है. कॉलोनी के बुजुर्गों और महिलाओं ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि आम रास्ते को तुरंत खुलवाया जाए और जल निकासी की व्यवस्था बहाल की जाए ताकि लोगों को इस नारकीय जीवन से मुक्ति मिल सके. पनागर तहसील प्रशासन के लिए यह मामला अब कानून व्यवस्था की चुनौती बन गया है, क्योंकि एक ओर पैतृक संपत्ति का दावा है और दूसरी ओर सैकड़ों नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है. फिलहाल, क्षेत्र में तनाव व्याप्त है और लोग न्याय की उम्मीद में उच्च अधिकारियों के दखल का इंतजार कर रहे हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

