सिडनी। एशेज सीरीज़ के निर्णायक टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के आक्रामक बल्लेबाज़ ट्रैविस हेड ने एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान खींच लिया है। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे पांचवें और अंतिम टेस्ट के दूसरे दिन तक ट्रैविस हेड 91 रन बनाकर नाबाद लौटे और इसी के साथ उन्होंने मौजूदा एशेज में अपने कुल रन 528 तक पहुंचा दिए। इस प्रदर्शन ने उन्हें इस सदी में एशेज सीरीज़ के पांचवें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों की सूची में शामिल कर दिया है। उनके इस कारनामे की तारीफ न सिर्फ ऑस्ट्रेलियाई खेमे में हो रही है, बल्कि इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज़ जो रूट भी उनकी बल्लेबाज़ी के कायल नज़र आए।
ट्रैविस हेड का यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है, जब एशेज का दबाव चरम पर है और हर रन की कीमत सोने के बराबर मानी जा रही है। हेड ने इंग्लिश गेंदबाज़ों के खिलाफ जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता के साथ बल्लेबाज़ी की, उसने मैच की दिशा को काफी हद तक ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में मोड़ दिया। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक वह 91 रन पर नाबाद थे और उनकी पारी में तकनीक, ताकत और धैर्य का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला।
इस पारी के साथ ट्रैविस हेड ने डेविड वॉर्नर के 2013-14 एशेज में बनाए गए 532 रनों के आंकड़े को पीछे छोड़ते हुए इस सदी की एशेज में शीर्ष रन बनाने वालों की सूची में पांचवां स्थान हासिल कर लिया। उनसे आगे अब केवल स्टीव स्मिथ, रिकी पोंटिंग और माइकल हसी जैसे दिग्गज बल्लेबाज़ हैं। स्टीव स्मिथ ने 2019 एशेज में 774 और 2017-18 एशेज में 687 रन बनाए थे, जबकि रिकी पोंटिंग ने 2006-07 एशेज में 576 और माइकल हसी ने 2010-11 में 570 रन बनाए थे। इस प्रतिष्ठित सूची में अपना नाम दर्ज कराना ट्रैविस हेड के करियर का एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और मौजूदा सीनियर बल्लेबाज़ जो रूट ने ट्रैविस हेड की बल्लेबाज़ी की खुले शब्दों में सराहना की। दिन का खेल खत्म होने के बाद मीडिया से बातचीत में रूट ने कहा कि हेड की बल्लेबाज़ी गेंदबाज़ों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह हेड विकेट के ऊपर की गेंदों पर दोनों तरफ शॉट्स खेल लेते हैं, उससे गेंदबाज़ों की गलती की गुंजाइश बहुत कम रह जाती है। रूट के अनुसार, हेड की हैंड-आई कोऑर्डिनेशन असाधारण है और वह हमेशा जवाबी हमला करने के लिए तैयार रहते हैं।
जो रूट ने कहा कि ट्रैविस हेड के खेल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह अपने तरीके पर पूरा भरोसा रखते हैं। उनके पास बल्लेबाज़ी का एक साफ़ तरीका है और वह उसी पर टिके रहते हैं। रूट के मुताबिक, हेड को अपने खेल की गहरी समझ है और यही वजह है कि वह इस समय असाधारण फॉर्म में नज़र आ रहे हैं। इंग्लैंड जैसे मजबूत गेंदबाज़ी आक्रमण के खिलाफ इस तरह का आत्मविश्वास दिखाना किसी भी बल्लेबाज़ के लिए आसान नहीं होता, लेकिन हेड ने इसे सहज बना दिया है।
ट्रैविस हेड की मौजूदा एशेज में सफलता केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके खेलने के अंदाज़ ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त भी दिलाई है। जब भी इंग्लैंड ने वापसी करने की कोशिश की, हेड ने आक्रामक शॉट्स के जरिए दबाव को तुरंत वापस गेंदबाज़ों पर डाल दिया। उनकी बल्लेबाज़ी में आक्रामकता के साथ-साथ मैच की स्थिति को समझने की परिपक्वता भी साफ दिखाई दी।
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि हेड की इस सीरीज़ में सफलता का राज उनकी मानसिक मजबूती और तकनीकी सुधार है। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने अपने खेल में निरंतरता लाई है और बड़े मौकों पर रन बनाने की आदत विकसित की है। एशेज जैसी हाई-प्रेशर सीरीज़ में लगातार रन बनाना किसी भी खिलाड़ी की काबिलियत को साबित करता है, और ट्रैविस हेड इस कसौटी पर पूरी तरह खरे उतरे हैं।
ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन के लिए भी हेड का यह प्रदर्शन बेहद राहत भरा रहा है। शीर्ष क्रम में जहां कभी-कभी अस्थिरता देखने को मिली, वहीं हेड ने मध्यक्रम में मजबूती प्रदान की। उनकी पारियां न केवल रन जोड़ने में मददगार रहीं, बल्कि टीम के बाकी बल्लेबाज़ों को भी खुलकर खेलने का आत्मविश्वास मिला।
इंग्लैंड के लिए ट्रैविस हेड एक बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। जो रूट की तारीफ इस बात का संकेत है कि विपक्षी टीम भी हेड के प्रभाव को स्वीकार कर रही है। क्रिकेट में अक्सर विरोधी खिलाड़ियों की प्रशंसा तभी होती है, जब उनका प्रदर्शन वास्तव में असाधारण हो, और हेड ने इस एशेज में यही साबित किया है।
एशेज इतिहास में कई महान बल्लेबाज़ों ने अपनी छाप छोड़ी है और अब ट्रैविस हेड का नाम भी उसी परंपरा में जुड़ता दिखाई दे रहा है। मौजूदा सीरीज़ में उनका योगदान ऑस्ट्रेलिया की सफलता की कहानी का अहम हिस्सा बन चुका है। यदि वह अपनी इस पारी को बड़ी शतकीय पारी में बदलने में सफल रहते हैं, तो यह न सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि होगी, बल्कि एशेज इतिहास में एक और यादगार अध्याय जुड़ जाएगा।
कुल मिलाकर, सिडनी टेस्ट में ट्रैविस हेड की बल्लेबाज़ी और जो रूट जैसे अनुभवी खिलाड़ी की प्रशंसा यह दर्शाती है कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ इस समय अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर में हैं। एशेज जैसे प्रतिष्ठित मुकाबले में इस तरह का प्रदर्शन उन्हें क्रिकेट इतिहास के चुनिंदा नामों की सूची में और मजबूती से स्थापित करता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि ट्रैविस हेड इस लय को कैसे आगे बढ़ाते हैं और ऑस्ट्रेलिया की एशेज विरासत में अपनी भूमिका को किस ऊंचाई तक ले जाते हैं।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-
