दुनिया की अग्रणी लग्ज़री कार निर्माता कंपनी मर्सिडीज़-बेंज ने ऑटोमोबाइल तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की है कि वह वर्ष 2026 के अंत तक अमेरिका के शहरी इलाकों में अपनी उन्नत स्वायत्त ड्राइविंग तकनीक लॉन्च करने जा रही है। कंपनी ने कहा है कि यह नई एडवांस्ड ड्राइवर-असिस्टेंस प्रणाली चालक की निगरानी में वाहनों को शहर की सड़कों पर खुद-ब-खुद चलने की अनुमति देगी। इस घोषणा के साथ ही अमेरिकी ऑटो उद्योग में स्वचालित ड्राइविंग को लेकर प्रतिस्पर्धा और निवेशकों की उम्मीदें दोनों तेज़ हो गई हैं।
मर्सिडीज़ द्वारा विकसित इस तकनीक का नाम MB.DRIVE ASSIST PRO है, जो पहले ही चीन में पिछले वर्ष के अंत से बिक्री के लिए उपलब्ध है। अब इसे अमेरिकी बाजार के लिए अनुकूलित किया जा रहा है, जहां यातायात नियम, सड़क संरचना और सुरक्षा मानक अपेक्षाकृत अलग हैं। कंपनी के अनुसार यह सिस्टम वाहन को पार्किंग स्थल से गंतव्य तक ले जाने में सक्षम होगा, जिसमें शहर के चौराहों से गुजरना, मोड़ लेना और ट्रैफिक सिग्नलों का पालन करना शामिल है।
यह तकनीक ड्राइवर की सक्रिय निगरानी के अंतर्गत काम करेगी, यानी चालक को पूरी तरह वाहन से ध्यान नहीं हटाना होगा। मर्सिडीज़ का कहना है कि यह प्रणाली फिलहाल पूर्ण स्वचालित ड्राइविंग नहीं है, बल्कि उन्नत स्तर की सहायक तकनीक है जो सुरक्षा और सुविधा दोनों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि सिस्टम चालक को हर समय हस्तक्षेप के लिए तैयार रहने की आवश्यकता होगी।
अमेरिकी बाजार में इस कदम को टेस्ला के लिए सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल टेस्ला ही अमेरिका में ऐसा ऑटोमेकर है जो ‘फुल सेल्फ-ड्राइविंग’ नाम से समान तकनीक उपलब्ध कराता है। हालांकि टेस्ला की यह प्रणाली भी पूर्ण स्वायत्त नहीं मानी जाती और नियामक एजेंसियों की लगातार निगरानी में रहती है। मर्सिडीज़ की एंट्री से इस क्षेत्र में तकनीकी प्रतिस्पर्धा और तेज़ होने की संभावना है।
निवेशक लंबे समय से स्वायत्त वाहन तकनीक को ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए भविष्य का बड़ा राजस्व स्रोत मानते रहे हैं। हालांकि हाल के वर्षों में इस तकनीक के व्यावसायिक विस्तार को लेकर कई बार संशय भी सामने आए हैं, खासकर सुरक्षा, कानूनी जिम्मेदारी और नियामकीय मंजूरी जैसे मुद्दों को लेकर। इसके बावजूद मर्सिडीज़ का मानना है कि शहरी ड्राइविंग के लिए नियंत्रित और पर्यवेक्षित स्वायत्त प्रणाली उपभोक्ताओं के बीच तेजी से स्वीकार्यता हासिल कर सकती है।
कंपनी के अधिकारियों के अनुसार अमेरिकी शहरों में बढ़ते ट्रैफिक, समय की बचत की आवश्यकता और ड्राइविंग से जुड़ी थकान जैसे कारक इस तकनीक को लोकप्रिय बना सकते हैं। मर्सिडीज़ ने यह भी संकेत दिया है कि शुरुआत में यह फीचर चुनिंदा शहरों और मॉडलों तक सीमित रहेगा और अनुभव तथा नियामकीय स्वीकृति के आधार पर इसका विस्तार किया जाएगा।
चीन में MB.DRIVE ASSIST PRO के संचालन के अनुभव का हवाला देते हुए कंपनी ने दावा किया कि सिस्टम ने वहां जटिल शहरी परिस्थितियों में संतोषजनक प्रदर्शन किया है। अमेरिकी बाजार के लिए सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं ताकि स्थानीय नियमों और सड़क व्यवहार के अनुरूप इसे बेहतर बनाया जा सके।
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि मर्सिडीज़ का यह कदम केवल एक नई तकनीक का लॉन्च नहीं है, बल्कि यह संकेत देता है कि पारंपरिक लग्ज़री कार निर्माता अब तकनीक आधारित कंपनियों के साथ सीधी प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हैं। लंबे समय से यह बहस चल रही है कि भविष्य की कारें इंजीनियरिंग की उत्कृष्टता से ज्यादा सॉफ्टवेयर क्षमताओं पर निर्भर होंगी, और मर्सिडीज़ की यह पहल उसी दिशा में एक मजबूत प्रयास मानी जा रही है।
हालांकि चुनौतियां भी कम नहीं हैं। अमेरिका में स्वायत्त ड्राइविंग से जुड़े कानून राज्य-दर-राज्य अलग हैं और किसी भी नई तकनीक को व्यापक स्तर पर लागू करने से पहले कई नियामकीय अनुमतियों की जरूरत होती है। इसके अलावा, दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने जैसे मुद्दे भी इस तकनीक के रास्ते में बड़ी बाधा बने हुए हैं।
इसके बावजूद मर्सिडीज़ का भरोसा है कि चरणबद्ध और नियंत्रित तरीके से स्वायत्त तकनीक को लागू करके इन चुनौतियों से निपटा जा सकता है। कंपनी का कहना है कि उसका प्राथमिक उद्देश्य सुरक्षा है और किसी भी तकनीकी नवाचार से पहले यात्रियों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
इस घोषणा के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि स्वायत्त ड्राइविंग अब केवल भविष्य की अवधारणा नहीं रह गई है, बल्कि धीरे-धीरे शहरी जीवन का हिस्सा बनने की ओर बढ़ रही है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि मर्सिडीज़ की यह तकनीक अमेरिकी उपभोक्ताओं और नियामकों की कसौटी पर कितनी खरी उतरती है और यह प्रतिस्पर्धी ऑटो बाजार की दिशा को किस हद तक बदल पाती है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

