देश की प्रतिष्ठित घरेलू एकदिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिता विजय हजारे ट्रॉफी में गुरुवार का दिन रोमांच, रिकॉर्ड और यादगार प्रदर्शन के नाम रहा। भारत के कई अंतरराष्ट्रीय सितारों ने अपने दमदार खेल से न सिर्फ अपनी टीमों को मजबूती दी, बल्कि चयनकर्ताओं और क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान भी खींचा। रविंद्र जडेजा और हार्दिक पांड्या के हरफनमौला प्रदर्शन, रुतुराज गायकवाड़ और ध्रुव जुरेल की शानदार शतकीय पारियों तथा पंजाब की मुंबई पर एक रन की सांस रोक देने वाली जीत ने टूर्नामेंट को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।
दिन की शुरुआत बड़ौदा और चंडीगढ़ के मुकाबले से हुई, जहां हार्दिक पांड्या ने अपने पुराने आक्रामक अंदाज़ की झलक दिखाई। बड़ौदा की ओर से खेलते हुए हार्दिक ने महज 31 गेंदों में 75 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें लंबे-लंबे छक्कों की बरसात देखने को मिली। उनके साथ प्रियान्शु मोलिया और जितेश शर्मा ने भी तूफानी बल्लेबाजी की, जिससे बड़ौदा ने निर्धारित ओवरों में विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में चंडीगढ़ की टीम दबाव में बिखरती नजर आई और हार्दिक ने गेंदबाजी में भी कमाल दिखाते हुए अहम विकेट झटके, जिससे बड़ौदा ने बड़ी जीत दर्ज की।
सौराष्ट्र और गुजरात के बीच मुकाबले में रविंद्र जडेजा पूरी तरह छाए रहे। पहले बल्लेबाजी करते हुए सौराष्ट्र ने मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसमें जडेजा का योगदान अहम रहा। उन्होंने नाबाद अर्धशतकीय पारी खेलकर टीम को मजबूती दी और फिर गेंदबाजी में भी अपनी उपयोगिता साबित की। जडेजा की सटीक लाइन-लेंथ के सामने गुजरात के बल्लेबाज टिक नहीं सके और पूरी टीम लक्ष्य से काफी पहले ढेर हो गई। इस जीत के साथ सौराष्ट्र ने अंक तालिका में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली।
दिन का सबसे चौंकाने वाला मुकाबला जम्मू-कश्मीर और हैदराबाद के बीच देखने को मिला। हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया, लेकिन असली कहानी रन चेज के दौरान लिखी गई। एक समय 90 रन पर सात विकेट गंवा चुकी जम्मू-कश्मीर की टीम लगभग हार मान चुकी थी, तभी निचले क्रम में बल्लेबाजी करने आए आकिब नबी ने अविश्वसनीय पारी खेली। उन्होंने अपने करियर का पहला शतक जड़ते हुए टीम को ऐतिहासिक जीत दिला। यह पारी टूर्नामेंट की सबसे रोमांचक पारियों में से एक मानी जा रही है और लंबे समय तक याद रखी जाएगी।
मुंबई और पंजाब के बीच खेला गया मुकाबला पूरी तरह से नाटकीय रहा। पंजाब की टीम कम स्कोर पर सिमटती नजर आई, लेकिन गेंदबाजों ने असाधारण जुझारूपन दिखाया। मुंबई की ओर से सरफराज खान ने रिकॉर्ड गति से अर्धशतक जमाकर मैच को एकतरफा करने की कोशिश की, वहीं कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी संयमित बल्लेबाजी की। लेकिन पंजाब के गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर दबाव बनाया और अंततः मुंबई की टीम लक्ष्य से एक रन पहले ही ऑलआउट हो गई। यह मुकाबला विजय हजारे ट्रॉफी के सबसे रोमांचक मैचों में शुमार हो गया।
महाराष्ट्र और गोवा के मैच में रुतुराज गायकवाड़ ने एक बार फिर अपनी क्लास साबित की। न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय वनडे टीम में जगह न मिलने के बाद गायकवाड़ ने बल्ले से जोरदार जवाब दिया। उन्होंने नाबाद शतक जड़ते हुए न सिर्फ टीम को प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाया, बल्कि टूर्नामेंट के इतिहास में सर्वाधिक शतकों के रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली। उनकी यह पारी चयनकर्ताओं के लिए मजबूत संदेश मानी जा रही है।
उत्तर प्रदेश और बंगाल के बीच मुकाबले में ध्रुव जुरेल का बल्ला बोला। लक्ष्य का पीछा करते हुए जुरेल ने आत्मविश्वास से भरी शतकीय पारी खेली और टीम को आसान जीत दिलाई। उनकी पारी में आक्रामकता और समझदारी का शानदार संतुलन देखने को मिला। इस प्रदर्शन के साथ जुरेल टूर्नामेंट के शीर्ष रन बनाने वालों में शामिल हो गए हैं और भविष्य के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में उभरे हैं।
अन्य मुकाबलों में दिल्ली ने हरियाणा को एकतरफा अंदाज में हराया, तमिलनाडु ने केरल पर दबदबा बनाया और विदर्भ ने असम के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज की। वहीं कर्नाटक और मध्य प्रदेश के मैच में मध्य प्रदेश ने चौंकाते हुए गत चैंपियन कर्नाटक को आसानी से शिकस्त दी।
कुल मिलाकर विजय हजारे ट्रॉफी का यह दिन भारतीय घरेलू क्रिकेट की गहराई और प्रतिभा का बेहतरीन उदाहरण रहा। अनुभवी सितारों के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के पास विकल्पों की कोई कमी नहीं होगी। टूर्नामेंट जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, मुकाबले और भी रोमांचक होते जा रहे हैं और हर मैच के साथ नई कहानियां जन्म ले रही हैं।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

