बारिश के साए में भारत ने शुरुआती झटकों से उबरकर अमेरिका को हराया अंडर 19 विश्व कप में जीत के साथ शानदार आगाज

बारिश के साए में भारत ने शुरुआती झटकों से उबरकर अमेरिका को हराया अंडर 19 विश्व कप में जीत के साथ शानदार आगाज

प्रेषित समय :22:13:08 PM / Thu, Jan 15th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

बुलावायो. आईसीसी अंडर 19 पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2026 में भारत ने अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की, लेकिन यह जीत जितनी सहज दिखती है, उतनी आसान नहीं रही. बारिश से प्रभावित मुकाबले में अमेरिका ने कुछ पलों के लिए भारतीय खेमे की धड़कनें जरूर बढ़ा दीं, हालांकि अंततः अनुभव, संतुलित प्रदर्शन और गेंदबाजों की धार के दम पर युवा भारतीय टीम ने मुकाबला अपने नाम कर लिया. दो घंटे से अधिक समय तक बारिश के कारण रुके खेल के बाद बदले हालात में भारत को 37 ओवर में 96 रन का संशोधित लक्ष्य मिला था, जिसे टीम ने शुरुआती झटकों के बावजूद हासिल कर लिया.

मैच की शुरुआत में भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, जो ओवरकास्ट हालात को देखते हुए बिल्कुल सटीक साबित हुआ. भारतीय तेज गेंदबाजों ने पहले ही ओवर से अमेरिकी बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया. सीम और स्विंग का भरपूर फायदा उठाते हुए गेंदबाजों ने रन बनाने के मौके बेहद सीमित कर दिए. अमेरिकी बल्लेबाजी क्रम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाता रहा और कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिककर बड़ी साझेदारी नहीं कर सका. पूरी टीम महज 107 रन पर सिमट गई, जो इस स्तर के टूर्नामेंट में भारतीय गेंदबाजों के प्रभुत्व को दर्शाता है.

इस शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन के नायक रहे हेनिल पटेल, जिन्होंने घातक गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट झटके. उनकी सटीक लाइन-लेंथ और परिस्थितियों की समझ के सामने अमेरिकी बल्लेबाज पूरी तरह बेबस नजर आए. हेनिल को अन्य गेंदबाजों का भी अच्छा साथ मिला, जिससे अमेरिका दबाव से उबर ही नहीं पाया. भारतीय फील्डरों ने भी गीले मैदान के बावजूद चुस्ती दिखाई, कैच लपके और रन बचाकर गेंदबाजों का आत्मविश्वास बढ़ाया.

बारिश के कारण खेल रुकने से पहले ही मुकाबला भारत के पक्ष में झुका हुआ था, लेकिन असली परीक्षा तब शुरू हुई जब संशोधित लक्ष्य के साथ भारत बल्लेबाजी के लिए उतरा. आसान लक्ष्य देखकर भारतीय डगआउट में राहत जरूर थी, लेकिन खेल दोबारा शुरू होते ही अमेरिकी गेंदबाजों ने जोरदार वापसी की. कप्तान आयुष म्हात्रे और एक अन्य शीर्ष क्रम के बल्लेबाज को लगातार ओवरों में आउट कर अमेरिका ने भारतीय खेमे में हलचल मचा दी. कुछ देर के लिए ऐसा लगा कि बारिश के बाद बदले हालात भारतीय बल्लेबाजों के लिए मुश्किल पैदा कर सकते हैं.

हालांकि इसके बाद भारतीय बल्लेबाजों ने संयम और समझदारी दिखाई. बिना जल्दबाजी के उन्होंने विकेट बचाने पर ध्यान दिया और धीरे-धीरे रन बटोरते गए. पिच पर टिककर खेलने की रणनीति सफल रही और अमेरिका की शुरुआती आक्रामकता धीरे-धीरे फीकी पड़ती चली गई. भारतीय बल्लेबाजों ने जोखिम लेने से परहेज किया और साझेदारी बनाकर लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे. अंततः भारत ने बिना किसी बड़े ड्रामे के जीत दर्ज कर ली और अंक तालिका में मजबूत शुरुआत की.

यह जीत भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि टीम को एक प्रतिस्पर्धी ग्रुप में रखा गया है, जिसमें बांग्लादेश और न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीमें शामिल हैं. पांच बार की चैंपियन भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में छठी बार खिताब जीतने के इरादे से उतरी है और पहला मुकाबला जीतना मनोबल के लिहाज से बेहद अहम था. बारिश और दबाव भरे क्षणों के बावजूद टीम का संतुलन बनाए रखना इस बात का संकेत है कि युवा खिलाड़ी मानसिक रूप से भी चुनौती के लिए तैयार हैं.

वहीं अमेरिका के लिए यह मुकाबला सीख से भरा रहा. बल्लेबाजी में जहां उनकी कमजोरियां सामने आईं, वहीं गेंदबाजों ने खासकर बारिश के बाद जिस तरह वापसी की, उसने टीम की संभावनाओं की झलक दिखाई. अमेरिकी गेंदबाजों ने दिखा दिया कि सही लाइन-लेंथ और अनुशासन के साथ वे मजबूत टीमों को भी परेशान कर सकते हैं. इस तरह के बड़े मुकाबले उनके युवा खिलाड़ियों के अनुभव में इजाफा करेंगे और भविष्य में उनके प्रदर्शन को निखारने में मदद करेंगे.

कुल मिलाकर यह मुकाबला भारत के लिए चेतावनी भी लेकर आया कि किसी भी स्तर पर विरोधी को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है. वहीं जीत के साथ टूर्नामेंट की शुरुआत करना टीम के आत्मविश्वास को नई उड़ान देगा. अब भारतीय टीम की नजरें अगले मुकाबलों पर होंगी, जहां उसे अपनी रणनीति और प्रदर्शन को और धारदार बनाना होगा, ताकि छठे विश्व कप खिताब की ओर कदम मजबूत किए जा सकें.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-