राजकोट. भारतीय क्रिकेट टीम के भीतर कथित मतभेदों और संवादहीनता को लेकर उठ रही अटकलों पर विराम लगाते हुए टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने साफ कहा है कि सीनियर बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली न सिर्फ टीम की योजनाओं में पूरी तरह शामिल हैं, बल्कि मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ वनडे प्रारूप को लेकर लगातार विचार-विमर्श भी कर रहे हैं. कोटक के बयान से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि भारतीय टीम प्रबंधन और उसके अनुभवी खिलाड़ियों के बीच किसी तरह की खाई नहीं है, बल्कि आने वाले बड़े टूर्नामेंटों को लेकर सामूहिक सोच और साझा रणनीति पर काम हो रहा है.
मीडिया से बातचीत के दौरान सितांशु कोटक ने कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी किसी भी टीम के लिए धुरी होते हैं. उनके पास इतना अनुभव है कि उन्हें बाहरी मार्गदर्शन की ज्यादा आवश्यकता नहीं पड़ती, खासकर जब बात तैयारी, वर्कलोड मैनेजमेंट और मैच की परिस्थितियों को समझने की हो. कोटक ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों दिग्गज खिलाड़ी न केवल युवा खिलाड़ियों के साथ अपने विचार साझा करते हैं, बल्कि टीम मैनेजमेंट के साथ बैठकर भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा करते हैं.
उन्होंने कहा कि वनडे क्रिकेट को लेकर रोहित और कोहली की सोच बेहद स्पष्ट है. दक्षिण अफ्रीका में होने वाले आगामी वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए टीम किन परिस्थितियों का सामना कर सकती है, किस तरह की बल्लेबाजी रणनीति अपनाई जानी चाहिए और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है, इन तमाम पहलुओं पर गंभीर के साथ नियमित संवाद हो रहा है. कोटक के अनुसार, दोनों खिलाड़ी सिर्फ अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहते, बल्कि पूरी टीम की संरचना और संतुलन पर भी विचार रखते हैं.
हाल के दिनों में यह चर्चा तेज हुई थी कि नए कोचिंग सेटअप के आने के बाद कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन के बीच विचारों का टकराव हो सकता है. खासकर गौतम गंभीर के सख्त और स्पष्ट दृष्टिकोण को लेकर यह कयास लगाए जा रहे थे कि टीम के सीनियर खिलाड़ी उससे पूरी तरह सहमत नहीं हैं. हालांकि कोटक के बयान ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि ड्रेसिंग रूम में संवाद बेहद सकारात्मक है और हर खिलाड़ी अपनी भूमिका को समझते हुए टीम के लक्ष्य के लिए काम कर रहा है.
कोटक ने यह भी रेखांकित किया कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ी टीम के भीतर मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं. युवा बल्लेबाजों के लिए यह सौभाग्य की बात है कि उन्हें ऐसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने और उनसे सीखने का मौका मिल रहा है. दोनों सीनियर खिलाड़ी अभ्यास सत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं और जरूरत पड़ने पर तकनीकी या मानसिक पहलुओं पर अपने अनुभव साझा करते हैं.
बल्लेबाजी कोच के अनुसार, मौजूदा वनडे क्रिकेट तेजी से बदल रहा है और इसके लिए टीम को लचीली रणनीति अपनानी होगी. इस बदलाव को सबसे बेहतर तरीके से समझने वालों में रोहित और कोहली शामिल हैं, क्योंकि उन्होंने अलग-अलग दौर में वनडे क्रिकेट को विकसित होते देखा है. कोटक ने कहा कि टीम की योजनाओं में इन दोनों की भागीदारी इसलिए भी अहम है क्योंकि वे दबाव भरे मुकाबलों में निर्णय लेने की क्षमता रखते हैं.
सितांशु कोटक ने यह भी संकेत दिए कि टीम मैनेजमेंट खिलाड़ियों के वर्कलोड को लेकर बेहद सजग है. रोहित और कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ियों के लिए यह तय किया जाता है कि वे किस सीरीज में खेलेंगे और किसमें आराम करेंगे, ताकि बड़े टूर्नामेंटों के लिए वे पूरी तरह फिट और मानसिक रूप से तरोताजा रहें. इस प्रक्रिया में खिलाड़ियों की राय को भी बराबर महत्व दिया जाता है.
उन्होंने कहा कि टीम इंडिया का लक्ष्य सिर्फ द्विपक्षीय सीरीज जीतना नहीं, बल्कि आईसीसी टूर्नामेंटों में निरंतर सफलता हासिल करना है. इसके लिए दीर्घकालिक योजना जरूरी है और इसी योजना का हिस्सा रोहित और कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों का योगदान है. कोटक के मुताबिक, गंभीर के नेतृत्व में टीम एक स्पष्ट दिशा में आगे बढ़ रही है, जहां हर खिलाड़ी से खुलकर संवाद किया जाता है.
राजकोट में हुई इस बातचीत के बाद यह संदेश साफ हो गया है कि भारतीय टीम के भीतर सब कुछ सामान्य और सकारात्मक है. सीनियर खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के बीच मजबूत तालमेल बना हुआ है और वनडे क्रिकेट को लेकर रणनीतिक स्तर पर गंभीर तैयारी चल रही है. आने वाले महीनों में जब टीम अंतरराष्ट्रीय मंच पर उतरेगी, तो इस सामूहिक सोच और अनुभव का असर मैदान पर भी देखने को मिल सकता है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

