करीमनगर. तेलंगाना के करीमनगर जिले में पुलिस ने एक बड़े हनी ट्रैप और सेक्सटॉर्शन रैकेट का पर्दाफाश करते हुए एक दंपत्ति को गिरफ्तार किया है. आरोपी महिला, जिसकी पहचान ललिता के रूप में हुई है, और उसका पति मिलकर इंस्टाग्राम के जरिए अमीर व्यापारियों और युवाओं को जाल में फंसाते थे.
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने अब तक 100 से अधिक लोगों से लाखों रुपये की वसूली की है. यह मामला तब उजागर हुआ जब एक स्थानीय व्यवसायी ने 12 लाख रुपये की उगाही के बाद हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
इंस्टाग्राम से हनी ट्रैप का होता था खेल
पुलिस जांच में इस दंपत्ति के काम करने के तरीके का खुलासा हुआ है. ललिता इंस्टाग्राम पर आकर्षक प्रोफाइल बनाकर पुरुषों से संपर्क साधती थी. बातचीत के जरिए विश्वास जीतने के बाद वह उन्हें करीमनगर के अरेपल्ली स्थित अपने किराए के फ्लैट पर बुलाती थी. पीड़ितों को इस बात की भनक भी नहीं होती थी कि घर के अंदर गुप्त कैमरे लगे हुए हैं. जैसे ही पीड़ित और ललिता निजी पल बिताते, ललिता का पति उन दृश्यों को गुप्त रूप से रिकॉर्ड कर लेता था.
वीडियो दिखाकर वसूली और धमकी
वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद असली खेल शुरू होता था. दंपत्ति पीडि़तों को आपत्तिजनक फुटेज दिखाकर धमकाते थे कि अगर पैसे नहीं दिए गए, तो वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया जाएगा या उनके परिवार को भेज दिया जाएगा. हालिया मामले में, एक व्यवसायी से उन्होंने किस्तों में 12 लाख रुपये वसूले. जब उन्होंने 5 लाख रुपये की और मांग की, तब पीड़ित ने पुलिस की मदद ली. पुलिस ने एक जाल बिछाकर आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.
छापेमारी में मिली लग्जरी वस्तुएं
पुलिस की छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं, जिनमें कई स्मार्टफोन जिनमें आपत्तिजनक वीडियो और चैट रिकॉर्ड मौजूद थे. बैंक चेक और भारी मात्रा में नकदी. एक लग्जरी कार और अन्य कीमती सामान, जो ब्लैकमेलिंग के पैसों से खरीदे गए थे.
पुलिस की अपील: डरे नहीं, सामने आएं
करीमनगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जबरन वसूली और आपराधिक धमकी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस का मानना है कि पीड़ितों की संख्या 100 से भी अधिक हो सकती है, लेकिन सामाजिक बदनामी के डर से लोग सामने नहीं आ रहे हैं. पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई अन्य व्यक्ति भी इस गिरोह का शिकार हुआ है, तो वह बिना किसी संकोच के पुलिस से संपर्क करें. पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी.

