अश्विनी वैष्णव ने आईएमएफ चीफ को दिया करारा जवाब, दावोस में मजबूती से रखा भारत का पक्ष, ये है मामला

अश्विनी वैष्णव ने आईएमएफ चीफ को दिया करारा जवाब, दावोस में मजबूती से रखा भारत का पक्ष, ये है मामला

प्रेषित समय :19:44:24 PM / Wed, Jan 21st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव दावोस में हैं. इस दौरान उन्होंने इंटरनेशनल मॉनेट्री फंड यानी आईएमएफ की चीफ क्रिस्टालिना जॉर्जिएवा के बयान का करारा जवाब दिया है. भारत को आईएमएफ  प्रमुख ने सेकंड-टीयर एआई पावर बताया था, लेकिन वैष्णव ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि भारत फर्स्ट ग्रुप में है.

जॉर्जिएवा ने एक पैनल में कहा था कि डेनमार्क, सिंगापुर और अमेरिका जैसे देश एआई में टॉप ग्रुप में हैं. उन्होंने भारत को दूसरे ग्रुप में रखा है. उन्होंने आईटी पर भारत के निवेश की तारीफ की लेकिन ये भी कहा कि भारत एआई में अभी आगे नहीं है.

अश्विनी वैष्णव ने ये जवाब दिया?

वैष्णव ने सीधे आईएमएफ चीफ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुझको नहीं पता कि आईएमएफ का क्राइटेरिया क्या है. लेकिन स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भारत को एआई टैलेंट, AI preparedness और एआई पेनेट्रेशन में दुनिया में तीसरा स्थान दिया. एआई टैलेंट में तो भारत का स्थान दूसरा है, इसलिए आपका क्लासिफिकेशन सही नहीं है. भारत साफ तौर पर फर्स्ट ग्रुप में हैं.  वैष्णव ने कहा कि रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट बहुत बड़े मॉडल बनाने से नहीं आता है. 95 प्रतिशत काम 20 से 50 बिलियन पैरामीटर वाले मॉडल से होता है. भारत ऐसे कई मॉडल बना चुका है, जिन्हें विभिन्न सेक्टरों में डिप्लॉय किया है. इस वजह से  एफिशिएंसी, प्रोडक्टिविटी और टेक्नोलॉजी का बेहतर इस्तेमाल हो रहा है.

एआई के पांचों लेयर पर प्रगति कर रहा भारत

वैष्णव ने कहा कि एआई आर्किटेक्चर में पांच लेयर हैं: मॉडल लेयर, एनर्जी लेयर, चिप लेयर, एप्लिकेशन लेयर और इंफ्रा लेयर. सभी पांचों आर्किटेक्चर में भारत अच्छी प्रगति कर रहा है. उन्होंने बताया कि एप्लिकेशन लेयरिंग में भारत दुनिया का सबसे बड़ा सर्विस प्रोवाइडर बनेगा और बिजनेस को समझकर एआई एप्लिकेशन से सर्विस देगा. इससे सबसे अधिक आरओआई आएगा. भारत का फोकस एआई को बड़े पैमाने फैलान का है न सिर्फ स्केल पर

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-