नई दिल्ली।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अचानक हुई उड़ान रद्दीकरण की घटनाओं ने भारत समेत दक्षिण एशिया के यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। अबू धाबी इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संचालित कई अहम अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रद्द होने से सैकड़ों यात्री फंसे रह गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या भारतीय यात्रियों की भी बताई जा रही है।
21 जनवरी 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार कुल सात उड़ानें रद्द की गईं, जिनका सीधा असर लाहौर, ढाका, बहरीन, तेहरान और पेरिस जैसे प्रमुख गंतव्यों पर पड़ा। इन उड़ानों में पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस, यूनाइटेड बांग्ला एयरलाइंस, गल्फ एयर, फ्लाईदुबई और एयर फ्रांस जैसी प्रमुख एयरलाइंस शामिल हैं। भारत से यूएई के जरिए इन रूट्स पर यात्रा करने वाले यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अबू धाबी से रद्द की गई उड़ानों में लाहौर और ढाका जाने वाली फ्लाइट्स प्रमुख रहीं। दक्षिण एशिया के लिए ये रूट भारतीय यात्रियों के लिए भी अहम माने जाते हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक यूएई के रास्ते पाकिस्तान, बांग्लादेश और खाड़ी देशों की यात्रा करते हैं। वहीं बहरीन जाने वाली उड़ान रद्द होने से खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाले भारतीय पेशेवर भी प्रभावित हुए हैं।
दुबई एयरपोर्ट से तेहरान और पेरिस जाने वाली उड़ानों के रद्द होने से लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों को झटका लगा। भारत से यूरोप की यात्रा करने वाले कई यात्री दुबई को ट्रांजिट हब के रूप में इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में एयर फ्रांस की पेरिस जाने वाली उड़ान रद्द होने से कनेक्टिंग फ्लाइट्स छूटने और यात्रा योजनाएं बिगड़ने की शिकायतें सामने आई हैं।
ट्रैवल एजेंसियों के मुताबिक, इन रद्दीकरणों के चलते यात्रियों को अपने कार्यक्रम बदलने पड़े, वैकल्पिक उड़ानों की तलाश करनी पड़ी और कई मामलों में अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ा। एयरपोर्ट पर भीड़ और अनिश्चितता के कारण यात्रियों में नाराजगी देखी गई।
यात्रा विशेषज्ञों ने भारतीय यात्रियों को सलाह दी है कि वे यूएई के रास्ते यात्रा करते समय एयरलाइन अलर्ट पर नजर रखें, फ्लाइट स्टेटस नियमित रूप से चेक करें और संभावित देरी को ध्यान में रखते हुए कनेक्शन का समय रखें। इसके अलावा एयरलाइंस से सीधे संपर्क कर रिफंड, रीबुकिंग या मुआवजे से जुड़ी जानकारी लेना भी जरूरी बताया गया है।
कुल मिलाकर, अबू धाबी और दुबई से उड़ानों के रद्द होने की इस स्थिति ने यह साफ कर दिया है कि यूएई जैसे बड़े एविएशन हब में होने वाला व्यवधान भारत समेत पूरे क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी को प्रभावित कर सकता है। आने वाले दिनों में भारतीय यात्रियों के लिए सतर्कता और लचीली यात्रा योजना बेहद अहम मानी जा रही है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

